2011 का लग्न नक्षत्रानुसार भविष्यफल

2011 का लग्न नक्षत्रानुसार भविष्यफल  

2011 का लग्न नक्षत्रानुसार भविष्यफल निर्मल कोठारी विस्तृत ग्रह स्थिति से वार्षिक फलादेश का कथन सर्वत्र प्रचलित है। परंतु आपका लग्न नक्षत्र किस मास में किस वार को पड़ता है, इस आधार पर भविष्य कथन की जानकारी दे रहे हैं कोलकाता के प्रसिद्ध देवज्ञ श्री निर्मल कोठारी अपनी इस प्रस्तुति में। जिमास में आपका लग्न का नक्षत्र जिस वार को पड़ता है उसी हिसाब से उस मास का आपका भविष्य होगा- वार का फल : 1. यदि किसी मास में आपका लग्न नक्षत्र रविवार को पड़ता है तो उस मास प्रायः आपको बेचैनी देने वाला भ्रमण कराने वाला और कलह उत्पन्न करने वाला होगा। यदि किसी मास में आपका लग्न नक्षत्र सोमवार को पड़ता है तो प्रायः उस मास आपको खाने-पीने तथा पहनने के लिए अच्छी वस्तुएं प्राप्त होगी। उस मास धन में भी वृद्धि की संभावना रहेगी। जितना आपका जन्मकालीन चंद्रमा बलवान और शुभ होगा उतनी ही अधिक मात्रा में आपको अन्न, धन आदि की प्राप्ति होगी। 3. यदि किसी मास में आपका जन्म नक्षत्र मंगलवार को पड़ता है तो प्रायः आग के संपर्क में आने की संभावना अधिक रहती है। रक्षा विभाग के कर्मचारियों से मेल-मिलाप होता है, भाइयों से भी व्यवहार अधिक रहता है। वह दिन अधिक पुरूषार्थ पूर्वक व्यतीत होता है। गणित शिक्षा का अधिक अभ्यास होता है और बिजली के यंत्रों के लेन-देन आदि से काम पड़ता है। यदि तिथि तृतीय, अष्टमी, त्रयोदशी हो तो फल और अधिक प्राप्त होते हैं। 4. गुरु ग्रह आदि से प्रभावित हो तो वह मास आपके हाथों परोपकार के कार्य होते हैं, दूसरों के प्रति सद्भावना जाग्रत होती है। अपने संबंधियों से सहयोग तथा लाभ रहता है। विद्या में अधिक मन लगता है। व्यापार अच्छे स्तर पर चलता है। यदि उस दिन द्वितीया, सप्तमी, द्वादशी हो तो शुभफल और भी अधिक प्राप्त होंगे। 5. जब किसी मास में आपका लग्न नक्षत्र गुरुवार को पड़ता है और गुरु आपकी लग्न कुंडली में बलवान होता तो उस दिन आपको ज्ञान प्राप्ति की प्रेरणा अधिक होगी, मन में शांति अधिक होगी, सुख की अनुभूति भी अधिक रहेगी, आचार्यों, गुरुओं, साधुओं से मिलाप होगा। राज्य कर्मचारियों की कृपा प्राप्त होगी, धन बढ़ेगा। यदि उस दिन पंचमी, दशमी, पूर्णिमा हो तो यह फल अधिक मात्रा में फलित होंगे। किसी मास में जब आपका लग्न नक्षत्र शुक्रवार को पड़ता हो और शुक्र की स्थिति आपकी कुंडली में अच्छी हो तो उस मास आपको आमोद-प्रमोद के अवसर प्राप्त होंगे, उत्तम वस्तुएं खाने और पहनने को मिलेगी। स्त्री वर्ग से आपका अधिक संपर्क रहेगा। संगीत नृत्यादि को अधिक रूचि रहेगी। यदि उस दिन प्रथमा, षष्ठी, एकादशी तिथि भी पड़ती हो तो उक्त फल की मात्रा में बढ़ोत्तरी होगी। 7. किसी मास में जब आपका लग्न नक्षत्र शनिवार को पड़ता हो तो उस मास कई समस्याएं एवं दुखों का सामना करना पड़ेगा तथा व्यवसाय में हानि एवं साझेदारों के साथ मनमुटाव की स्थिति बन सकती है। नौकर वर्ग से भी परेशानी रहेगी। यदि शनि की स्थिति कुंडली में शुभप्रद हो तो इसके विपरीत फल की प्राप्ति होगी। ऊपर दिये गये फलो एवं चार्टानुसार आप अपना नये वर्ष 2011 का भविष्यफल जान सकते हैं। एवं उसी अनुसार आप अपने कार्यों की रूप रेखा या योजना बना सकते हैं। ऊपर चार्ट में प्रत्येक महीने में नक्षत्र कौन-कौन से वार को पड़ेगा वह दर्शाया गया है।


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