सम्वत् 2072 सन् 2015-16 ई. के ग्रहण

सम्वत् 2072 सन् 2015-16 ई. के ग्रहण  

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इस वर्ष सन् 2015-16 में कुल 5 ग्रहण पड रहे है । जिनका विवरण निम्न है -

☆ 1. खग्रास सूर्य-ग्रहण

यह ग्रहण श्री शुभ सम्वत् 2071 चैत्र कृष्ण अमावस्या दिन शुक्रवार अॅग्रेजी तारीखानुसार 20 मार्च 2015 को लगेगा । यह सूर्य ग्रहण भारत में अदृश्य होगा अतः इस ग्रहण की धार्मिक दृष्टि अनुसार कोई महत्व नहीं है ।

☆ 2. खग्रास चन्द्र ग्रहण

  • यह ग्रहण श्री शुभ सम्वत् 2072 चैत्र शुक्ल पक्ष पूर्णिमा दिन पर लगेगा ।
  • यह चन्द्र-ग्रहण भारत में दृश्य दिखाई देगा ।
  • खग्रास चन्द्रग्रहण का सूतकः चन्द्रग्रहण के रूप में 4 अप्रैल 2015 को हस्त नक्षत्र एवं कन्या राशि पर लगेगा ।
  • यह ग्रहण का सूतक धार्मिक धर्मशास्त्रानुसार शनिवार को प्रातः 6/46 मिनट से लगेगा ।
  • अतः सूतक में भोजनादि करना निषेध माना गया है ।
  • इस ग्रहण का प्रारम्भ और मध्य भारत में नहीं हो रहा है ।
  • अतः इस ग्रहण का प्रारम्भ भारत में सायं 5/42 मिनट से प्रारम्भ होगा ओर इस ग्रहण का मोक्ष सायं 7/15 मिनट पर होगा ।
  • अर्थात् इस ग्रहण का पर्वकाल भारत में 2ः13 रहेगा ।

यह ग्रहण हस्त नक्षत्र एवं कन्या राशि के लिए खराब है अतः ऐसी राशि वालो को ग्रहण के दर्शन नहीं करने चाहिए ।

  • मेष राशि वालो के लिए - सौख्य,
  • वृष रािश वालो के लिए चिन्ता,
  • मिथुन राशि वालो के लिए व्यथा,
  • कर्क राशि वालो के लिए श्री,
  • सिंह राशि वालो के लिए हानि,
  • कन्या राशि वालो के लिए घात,
  • तुला रािश वालो के लिए क्षति,
  • वृश्चिक राशि वालो के लिए लाभ,
  • धनु राशि वालो के लिए सुख,
  • मकर राशि वालो के लिए मानभंग ,
  • कुम्भ राशि वालो के लिए मृत्युतुल्य कष्ट,
  • मीन राशि वालो के लिए स्त्री चिन्ता का फल देगा ।

अतः इन राशि वालो को घृत से भरा काॅसे का छालिया में सुवर्ण नाग रखकर दान करना चाहिए । तथा अनाज का दान गरीब फकीर को दान करे ।

☆3. खण्डग्रास सूर्य ग्रहण

यह ग्रहण भी शुभ सम्वत् 2072 में भाद्रपद कृष्ण पक्ष अमावस्या के दिन 13 सितम्बर 2015 को लगेगा । यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा । अतः धार्मिक दृष्टि से इस ग्रहण की मान्यता नहीं है।

☆4. चन्द्रग्रहण

  • यह ग्रहण भी श्री शुभ सम्वत् 2072 भाद्रपद शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा सोमवार दिनांक 28 सितम्बर 2015 को उत्तराभाद्रपद नक्षत्र एवं मीन राशि पर लगेगा ।
  • यह चन्द्रग्रहण भारत में पूर्ण दृश्य नहीं होगा । भारत के पश्चिम राजस्थान, पश्चिमी गुजरात, पोरबन्दर, भुज आदि में इसके मोक्ष का कुछ भाग दिखाई देगा ।
  • अतिअल्प होने कारण भारत में इसका भी कोई धार्मिक महत्व नहीं है ।
  • इस ग्रहण को अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका में पूर्ण दृश्य ,तथा पूर्वीय एशिया, पैसेफिक क्षेत्र में दिखाई देगा ।
  • भारत में यह ग्रहण अतिअल्प सूक्ष्म होने के कारण दिखाई नहीं देगा । इस ग्रहण की मान्यता नहीं है।

☆5. खण्ड सूर्य-ग्रहण

  • यह ग्रहण श्री शुभ सम्वत् 2072 फाल्गुन कृष्ण पक्ष की अमावस्या दिन बुधवार 9 मार्च 2016 को पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र एवं कुम्भ राशि पर लगेगा ।
  • इस सूर्य ग्रहण का स्पर्श सम्पूर्ण भारत वर्ष में कहीं भी दृश्य नहीं होगा ।

इसके मोक्ष का कुछ भाग भारत के हिस्सो में दिखाई देगा ।

  • जिसमें श्री नगर जम्मू अमृतसर, श्रीगंगा नगर हिसार, बीकानेर, पिलानी नागौर , जयपुर, अलवर, कोटपुतली, जैसलमेर पोकरण बाउमेर जोधपुर, अजमेर किश्ज्ञनगढ नाथद्वारा, उदयपुर, आदि में यह ग्रहण दृश्य नहीं होगा । इस ग्रहण को पूर्वीय सभी देश संभाग में देखा जायेगा ।
  • जिसमें आगरा, अलीगढ, मथुरा वृन्दावन, देहली देवास देवप्रयाग धनबाद, एटा इटावा, सम्पूर्ण उत्तरप्रदेश, मध्यपूर्वी मध्यप्रदेश, झाारखण्ड, बिहार, बंगाल, त्रिपुरा, मेघालय, नागालैण्ड , आसाम आदि पूर्वीय सभी देश संभाग में सूर्यग्रहण मान्य होगा ।

इस ग्रहण का स्पर्श प्रातः 5/39 मिनट पर तथा इसका मोक्ष प्रातः 6/52 मिनट पर होगा । इस ग्रहण का पर्वकाल 1ः13 मिनट रहेगा । इस ग्रहण का सूतक 8 मार्च 2015 को सायंकाल 5/10 से लगेगे ।



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