पारस राम वशिष्ट


(3 लेख)
विवाह में मुहूर्त का महत्व

जनवरी 2007

व्यूस: 1563

ज्योतिषीय दृष्टिकोण से कुंडली मिलानी चाहिए या नहीं। ऐसे कुछ प्रश्न आज हमारे सामने हैं जिन्हें लेकर हम तथा समाज दुखी है ऐसा क्यों? आइए कारण ढूंढ़ते हैं। कुंडली मिलान करने के पश्चात शादी की तारीख पक्की की जाती है। एक तो ज्यादातर शाद... और पढ़ें

ज्योतिषविवाहमुहूर्त

दाम्पत्य सुख में कमी के कारण

जनवरी 2007

व्यूस: 1227

विवाह पूर्व जन्मों के कर्मों के अनुसार ही होता है। यह एक पवित्र और मजबूत बंधन है। इससे मजबूत बंधन कोई नहीं और बंधन टूटे तो एक मिनट में टूट जाता है बंधन मजबूत जरूर है परंतु यह बंधन एक कच्चे धागे की तरह है। कच्चे धागे को यदि ज्यादा ... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगविवाहभविष्यवाणी तकनीक

नक्षत्र और रोग

जून 2006

व्यूस: 512

ज्योतिष शास्त्र में मृत्युदायी रोग का विचार दूसरे और सप्तम भाव से किया जाता है क्योंकि ये मारकेश भाव होते हैं। इन भावों के सहायक रोग देने वाले भाव तृतीय, षष्ठ, अष्टम एवं द्वादश होते हैं। जिस समय मारकेश की महादशा होती है,... और पढ़ें

ज्योतिषस्वास्थ्यज्योतिषीय विश्लेषणभविष्यवाणी तकनीक

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