टैरो कार्ड एवं उनके फल

टैरो कार्ड एवं उनके फल  

प्रेम प्रार्थना
व्यूस : 4987 | मार्च 2015

जैसा कि आप जानते हैं, टैरो में कुल 78 कार्ड होते हैं। ये मुख्यतः दो भागों में बंटे होते हैं- मेजर आरकाना व माइनर आरकाना। मेजर आरकाना में ‘0’ से लेकर ‘21’ तक कुल 22 कार्ड होते हैं तथा माइनर आरकाना में ‘56’ कार्ड होते हैं। जहां मेजर आरकाना ब्रह्मांडीय विषयों (मूल तत्वों, गृह व राशियों) को व्यावहारिक क्षेत्र में लाकर यह बताते हैं कि जीवन की रोजमर्रा की घटनाओं में वे कैसे लागू होते हैं। माइनर आरकाना कार्ड्स प्रतिनिधित्व करते हैं उन सरोकारों, गतिविधियों तथा भावनाओं का जो जीवन की प्रतिदिन की प्रक्रिया को स्थापित करती है। इस बार आप को कुछ मेजर आरकाना कार्ड्स के बारे में बताएंगे। क्रम कार्ड का नाम कार्ड का विवरण कार्ड का फल 0 दी फूल (मूर्ख) तत्व-वायु यह कार्ड अप्रत्याशित घटना का या खबर का प्रतीक है। ऐसे प्रभाव जो जातक की निर्णय क्षमता एवं रूचियों को नाटकीय ढंग से बदल देता है तथा सत्य को न पहचानना, बच्चे जैसी आदतें, साफ दिल का, भ्रष्टाचार से कोसों दूर, धर्म की कमी, किसी भी कार्य को करने की अधीरता, अत्यधिक आशावादी, रोमांचकारी कार्य को करने केी उत्सुकता, हाजिर जवाब व बेफ्रिक।

1 दी मैजिशियन (जादूगर) ग्रह-बुध यह एक शुभ कार्ड है जो नये अवसर, नए उद्यम, दृढ़ इच्छा शक्ति एवं प्रत्येक नए काम में उमंग के साथ समाहित होने का प्रतीक है। आगे बढ़-चढ़कर भाग लेना, अपनी काबिलियत को पहचानना। ज्ञान सफलता की कुंजी है परंतु अपने को धोखे में न रखें कि वह हर समस्या का समाधान जानते हैं। अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखें। अपनी बात व काम को कैसे पूरा करना है वह भली भांति जानता है व उसे पूरा भी करता है।

2 दी कार्ड प्रीस्टेस (पुजारिन) ग्रह- चंद्रमा यह कार्ड रहस्यों की मार्गदर्शिका का बोध कराता है। इसका तात्पर्य यह है कि किसी रहस्य से पर्दाफाश होने वाला है या जातक किसी रहस्य को उजागर करना चाहता या चाहती है। रहस्यमयी, मन की छुपी भावनाएं, पूर्वाभास, स्त्रीशक्ति, शांत व्यक्तित्व।


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3 दी एम्प्रैस (महारानी) ग्रह-शुक्र यह कार्ड प्रेम, शादी, भरोसे, समृद्धि तथा जन्म का प्रतीक है। इससे यह समझना चाहिए कि कोई स्वागत योग्य शुभ घटना घटने वाली है। किसी नए घटना का उदय होना व बढ़ना, सुख समृद्धि, सृजनात्मकता, अत्यधिक स्नेह भाव, जीवन के प्रति सकारात्मक सोच, कला व सौंदर्य पर ध्यान केंद्रित करना, प्राकृतिक सौंदर्य में रहना पसंद करना, सुख सुविधाओं में भरपूर जीवन जीना।

4 दी एम्परर (महाराना) राशि-मेष यह उपलब्धि और सम्मान का प्रतीक है तथा कई बार पुरूष के अदम्य प्रभाव का द्योतक भी होता है जैसे- पिता/पति/साझेदार या जातक के जीवन में किसी पुरूष या उच्चाधिकारी का प्रभाव होता है। अदम्य शक्ति, प्रतिनिधित्व, सबसे आगे बढ़कर कार्य करना व अन्य लोग उनकी राह पर चलना पसंद करते हैं। न्याय प्रिय व न्याय प्रणाली को सही तरीके से बनाए रखना।

5 दी हायरोफेंट (ज्योतिषी) राशि-वृष यह नैतिक कानून, चतुर और बुद्धिमान, परामर्शदाता, व्यावहारिक निर्देशक या आध्यात्मिक गुरु का प्रतीक है। पारंपरिक रीति-रिवाजों को जो मूलतः दकियानूसी विचार वाला है, जो नई बात तलाशने के हक में नहीं है। इस कार्ड का प्रकटन विवाह या विवाह की कामना एवं कानूनी जिम्मेदारियों और सरकारी दस्तावेजों की ओर इंगित करता है।

6. दी लवर्स (प्रेमी) राशि-मिथुन यह प्रेमी युगल का प्रतीक है, जातक के जीवन में प्रवेश करने वाले नए प्रेम-संबंध का संकेतक है जिसे जातक स्वयं नहीं देख सकता परंतु प्राप्त करने पर आश्चर्यचकित रह जाता है तथा प्रेम व कत्र्तव्य के बीच निर्णय को स्थापित करता है।

7. दी चैरियट (रथ) राशि-कर्क यह संघर्ष या टकरावों के पश्चात् विजय का प्रतीक है। इसलिए यह कार्ड यह सलाह देता है कि यदि किसी संघर्ष में जातक फंसा है तो उसे प्रयत्न जारी रखने चाहिए क्योंकि अंततः विजय जातक की होगी।

8. जस्टिस (न्यायाधीश) राशि-तुला यह न्याय व ईमानदारी का परिचायक होता है तथा हर मामले में संतुलन को प्रदर्शित करता है। साझेदारी, मुकदमे इत्यादि के मामले में सभी के साथ न्याय एवं ईमानदारी को दिखाता है चाहे यह हिस्सा व्यापार का हो या व्यक्तिगत।

9. दी हरमिट (साधु-संन्यासी) राशि-कन्या यह कार्ड आत्म-विश्लेषण तथा शांति एवं एकांत की कामना का प्रतीक हैं। यह जातक को चेतावनी देता है कि निर्णय जल्दबाजी या अधीरता से न लिया जाए बल्कि किसी भरोसेमंद व्यक्ति से उचित सलाह लेकर निर्णय लें। यह निर्णय मुख्यतः स्वास्थ्य से संबंधित भी हो सकते हैं। इससे पता चलता है कि जातक की बीमारी के बाद स्वस्थ होने के लिए कितने समय तक आराम करना चाहिए।


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10. दी व्हील आॅफ फाॅरच्यून (भाग्य चक्र) ग्रह-बृहस्पति यह जीवन के नर चक्र का प्रतीक है। इसका अर्थ है सौभाग्यशील एवं सुनहरा भविष्य। यह भी भाग्य है जो आप इस अवसर में आए न कि आप अपनी मर्जी से आए। मौजूदा समस्याओं का अंत और पूर्व समय में किये गए प्रयत्नों का प्रतिफल या ईनाम प्राप्त होता है।

11. स्ट्रेन्थ (शक्ति) राशि-सिंह इसका तात्पर्य केवल भौतिक शक्ति नहीं बल्कि भयंकर दबाव की स्थिति में सहजता से कार्य करने की क्षमता को प्रकट करता है तथा इसका अंत सफलता के साथ होता है।

12. दी हैंगमैन (फांसी) तत्व-जल ग्रह-नेप्च्यून यह जातक के पार्थिव या भावनात्मक बदलाव का प्रतीक है। साथ ही जातक में परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढाल पाने की योग्यता को दर्शाता है।

13. डेथ (मृत्यु) राशि-वृश्चिक यह कार्ड भयदायक जरूर प्रतीत होता है परंतु वास्तव में ऐसा नहीं है। यह पुराने कामों की समाप्ति या नए कामों की शुरूआत को बताता है।

14. टेम्परेंस (धैर्य) राशि-धनु यह आत्म नियंत्रण, ज्वलनशील मुद्दों को ठंडे दिमाग से निबटने का प्रतीक है जिससे कि सकारात्मक परिणाम मिल सकें।

15. दी डेविल (शैतान) राशि-मकर यह कार्ड एक शुभ संकेतक है। यदि किसी विवाह में प्रतिबद्धता या रिश्तों की ईमानदारी का प्रश्न हो तो इसे सच्चाई, ईमानदारी एवं वफादारी का प्रेमपूर्ण प्रतीक समझा जाना चाहिए।

16. दी टाॅवर (मीनार) ग्रह-मंगल डेथ और डेविल के पश्चात् यह कार्ड बेहद भय एवं खौफ का वातावरण प्राप्त करता है। अप्रत्याशित घटनाओं के बारे में जो तहस-नहस करने वाली लेकिन उसके बाद मजबूत होकर उभरेंगे तथा समस्याओं के विलंब की ओर इशारा करता है।

17. दी स्टार (तारे) राशि-कुंभ यह एक फलदायक कार्ड है जो भविष्य का प्रतीक है व अंतदृष्टि प्रदान करता है। इसमें आशीर्वाद, उम्मीद, निष्ठा का दृष्टिकरण एवं अप्रत्याशित उपहार समाहित है।

18. दी मून (चंद्रमा) राशि-मीन यह जातक की तीव्र भावनात्मक अभिव्यक्ति और संशय की स्थिति प्रदर्शित करता है। परंतु यह जातक की राह को जगमगा देने वाला होता है भले ही मन में कितना भी भय क्यों न हो अर्थात् रास्ता कितना भी कठिन क्यों न हो, अंततः सफलता की प्राप्ति कराता है।

19. दी सन (सूर्य) राशि-सूर्य यह उत्तम कार्डों में से है जो बताता है कि समय बहुत हर्षदायक और प्रसन्नतावर्द्धक स्थिति की ओर अग्रसर है, मस्ती भरी छुट्टियां, चारों ओर से बच्चों के संबंध में शुभ समाचार या काफी समय पश्चात् बच्चे के जन्म का प्रतीक माना जाता है। परिवार व मित्रों के साथ मौज-मजा, प्रिय और सौहार्दपूर्ण संबंधों का प्रतीक है।

20 जजमेंट (निर्णय) ग्रह-प्लूटो तत्व अग्नि यह वर्तमान पूर्णता एवं पूर्व समय में किए गए प्रयत्नों के पुरस्कार का द्योतक है अर्थात् पुराने प्रयत्नों के समापन एवं नए कामों की शुरूआत का प्रतीक है।

21 दी वल्र्ड (विश्व) ग्रह-शनि यह जातक की हार्दिक इच्छा की संपूर्ति का प्रतीक है चाहे वह कुछ भी क्यों न हो अर्थात् उपलब्धि का समय, मान्यता, सफलता पाने की घड़ी और विजयश्री की उपलब्धि का प्रतीक है।


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मूर्ख (दी फूल): यह कार्ड उदित हो तो अप्रत्याशित घटना या खबर की आशा करनी चाहिए, एक ऐसे प्रभाव की जो नाटकीय रूप से आपके निर्णय को बदल दे। यह कार्ड नई शुरूआत का, अनजान जगह के लिए यात्रा-जिसमें बहुत मजा आए-सूचक है। रास्ते में हुए अनुभव यात्री को अधिक तजुर्बेकार और बुद्धिमान बना देंगे। लेकिन यदि पठन सत्र में पहली बार ये ही उदय हो जाए तो समझना चाहिए कि एक दुःसाहसिक बेवकूफी होगी या पूछा हुआ सवाल ही गलत होगा या इसे पूछने का कारण ही गलत होगा। दी फूल रीडिंग एक ऐसे व्यक्ति का भी परिचायक होता है जो अनूठा, लीक से हटकर चलने वाला, वासना से परिपूर्ण और सनकी हो सकता है। जादूगर: (दी मैजिशियन) यह एक उम्दा कार्ड है जो नए अवसरों का, नए उद्यम की महत्ता, दृढ़ इच्छा शक्ति एवं हर काम में उमंग के समावेश होने का प्रतीक है। इसका पारे जैसा ढुलमुल स्वभाव है। आप स्वयं का आकलन कर अपनी जमीन पर रहेंगे और साम-दाम, दंड-भेद से अपना लक्ष्य अवश्य प्राप्त कर लेंगे। ऋणात्मक रूप से यह कार्ड चालबाजी, धोखाधड़ी को स्थापित कर यह चेतावनी देता है

कि किसी पर भी विश्वास बहुत सोच समझकर करें। कभी-कभी इसका उल्टा प्रभाव अपने आत्म-विश्वास में कमी तथा अनिर्णयात्मक स्थिति का द्योतक है। पुजारिन (दी हाई प्रीस्टेस) यह रहस्यों की मार्ग-दर्शिका के रूप में कार्ड-पठन में उभरती है। इसका संकेत है कि किसी रहस्य से पर्दाफाश होने वाला है या कोई रहस्य आप उजागर करना चाहते हैं। आपको समझना होगा कि अपने आंतरिक अभास पर भरोसा करने का समय आ गया है। इतनी अंतप्र्रज्ञा शक्ति को ही अपना मार्ग-दर्शन करने दीजिए। यह उस व्यक्ति की तरफ भी इशारा करेगी जिससे आपको मशविरा लेना चाहिए। यदि किसी आदमी के लिए कार्ड पठन हो रहा है तो यह उसके जीवन की सर्वाधिक महत्वपूर्ण महिला की तरफ इशारा करता है। इसका ऋणात्मक पक्ष है किसी महिला का उस पर गलत प्रभाव डालना। महारानी (दी एम्प्रेस): यह प्रतीक है

प्रेम, भरोसे, समृद्धि तथा जन्म का इसलिए जब यह प्रकट होती है तो समझिए कोई स्वागत योग्य स्थिति घटने वाली है। दी एम्प्रेस सृजनात्मकता का होना इंगित करता है। दी एम्प्रेस धन संबंधी चिंताएं तथा अनचाहे गर्भ या अनुर्वरता का निर्देश देती है। महाराज (दी एम्परर): यह प्रतीक है उपलब्धि एवं सम्मान का और कई बार पुरुष के अदम्य प्रभाव का द्योतक भी होता है जैसे पिता/ पति/साझेदार या आपके जीवन में किसी पुरुष या बाॅस का प्रभाव। जब यह कार्ड सही स्थिति में प्रकट हो तो समझिए आपके प्रभाव और रूतबे में वृद्धि होने वाली है या आपका रौब लोगों पर कायम होगा। ऋणात्मक रूप से दी एम्परर का प्रकटन निर्देश देता है कि कोई दबंग या तानाशाही व्यक्ति आप पर जबरदस्ती, अपनी सत्ता के कारण रौब गांठने वाला है। अन्य ऋणात्मक निर्देश असफल आकांक्षा, पद स्थिति की अदम्य लालसा और किसी सत्ताधारी व्यक्ति के कारण असुरक्षा की भावना।

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हस्तरेखा विशेषांक  मार्च 2015

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फ्यूचर समाचार के हस्तरेखा विषेषांक में हस्तरेखा विज्ञान के रहस्यों को उद्घाटित करने वाले ज्ञानवर्धक और रोचक लेखों के समावेष से यह अंक पाठकों में अत्यन्त लोकप्रिय हुआ। इस अंक के सम्पादकीय लेख में हस्त संचरचना के वैज्ञानिक पक्ष का वर्णन किया गया है। हस्तरेखा शास्त्र का इतिहास एवं परिचय, हस्तरेखा शास्त्र के सिद्धान्त, हस्तरेखा शास्त्र- एक सिंहावलोकन, हस्तरेखाओं से स्वास्थ्य की जानकारी, हस्तरेखा एवं नवग्रहों का सम्बन्ध, हस्तरेखाएं एवं बोलने की कला, विवाह रेखा, हस्तरेखा द्वारा विवाह मिलाप, हस्तरेखा द्वारा विदेष यात्रा का विचार आदि लेखों को सम्मिलित किया गया है। इसके अतिरिक्त गोल्प खिलाड़ी चिक्कारंगप्पा की जीवनी, पंचपक्षी के रहस्य, लाल किताब, फलित विचार, टैरो कार्ड, वास्तु, भागवत कथा, संस्कार, हैल्थ कैप्सूल, विचार गोष्ठी, वास्तु परामर्ष, ज्योतिष और महिलाएं, व्रत पर्व, क्या आप जानते हैं? आदि लेखों व स्तम्भों के अन्तर्गत बेहतर जानकारी को साझा किया गया है।

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