क्या काल सर्प योग से मुक्ति नहीं?

क्या काल सर्प योग से मुक्ति नहीं?  

व्यूस : 4933 | आगस्त 2008
क्या काल सर्प योग से मुक्ति नहीं? ईश्वर पुर्सनाणी यह सच है कि जिन लोगों की कुंडलियों में राहु और केतु के मध्य अन्य ग्रहों की ऐसी स्थिति होती है, उन्हंे सफलता के शिखर तक पहुंचने के लिए अन्य जातकों की तुलना में अधिक श्रम करना ईश्वर पुर्सनाणी, अहमदाबाद पड़ता है। और ऐसा भी देखने में आया है कि ऐसे जातकों को जीवन के किसी भाग में किसी खास सुख से वंचित होना पड़ता है। लेकिन, सारांशतः इस योग को बिल्कुल नकारात्मक परिणामदायक मानना उचित नहीं है। अपनी कुंडली में ऐसा योग रखने वाला व्यक्ति अपने शुभ कर्म, अथक-परिश्रम, श्रेष्ठ चरित्र व व्यक्तित्व और ईश्वर पर अटूट श्रद्धा और विश्वास रखकर जीवन को निस्संदेह सुखमय बना सकता है।

Ask a Question?

Some problems are too personal to share via a written consultation! No matter what kind of predicament it is that you face, the Talk to an Astrologer service at Future Point aims to get you out of all your misery at once.

SHARE YOUR PROBLEM, GET SOLUTIONS

  • Health

  • Family

  • Marriage

  • Career

  • Finance

  • Business

राहु-केतु विशेषांक  आगस्त 2008

futuresamachar-magazine

राहू केतु का ज्योतिषीय, पौराणिक एवं खगोलीय आधार, राहू-केतु से बनने वाले ज्योतिषीय योग एवं प्रभाव, राहू केतु का द्वादश भावों में शुभाशुभ फल, राहू केतु की दशा-अंतर्दशा का फलकथन सिद्धांत, राहू केतु के दुष्प्रभावों से बचने हेतु उपाय

सब्सक्राइब


.