सूर्य पुत्र शनि का 15 नवंबर 2011 को तुला राशि में प्रवेश होगा। 12 राशियों पर शनि का अपनी उच्च राशि में जाना क्या प्रभाव पड़ेगा।
विस्तृत विवरणशनि देव को न्यायाधीश के रूप में कार्य करने का वरदान भगवान शिव से मिला है. यह बात निर्वाद है की शनि के ग्रहों के राजा सूर्य के पुत्र होंने के बावजूद कोई भी आम आदमी सुख समृद्धि हेतु नहीं, बल्कि डर के कारण उनकी अराधना, पूजा एवं उपासना करता है...
विस्तृत विवरणशनि का कन्या राशि में प्रवेश अधिकांशत: सुखद रहेगा. तुला राशि, जिसके लिए शनि की साढ़ेसाती और कुम्भ राशि जिसके लिए अष्टम ढैय्या प्रारंभ होगी. इन राशि के जातकों के लिए शनि का यह गोचर अधिक कष्टकारी न होकर केवल परिवर्तनजनक होगा....
विस्तृत विवरणशास्त्रों में शनि ग्रह कों सबसे अधिक कष्टकारी ग्रह माना गया है. शनि ग्रह से मिलने वाले फलों में कमी करने के लिए अनेक उपाय प्रयोग में लाये जाते है. जिनमे से कुछ एक है, हनुमान लाकेट, हनुमान यंत्र, पारद हनुमान आदि है. इन उपायों कों श्रद्धा और विश्वास के साथ अपने घर-जीवन में स्थान देने से शनि दोष शांति होती है....
विस्तृत विवरणज्योतिष् में मकान, धन –सम्पति, म्रत्यु, आयु, मुकदमा, हानि, संतोष, चोरी, वात रोग आदि का विचार शनि की स्थिति के आधार पर किया जाता है. शनि यदि शुभ राशि या भाव में स्थित हों तो जातक का कल्याण और यदि अशुभ राशि या भाव में स्थित हो तो हानि करता है....
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