प्राकृतिक चिकित्सा सिर्फ औषधि रहित पद्वति ही नहीं अपितु स्वस्थ जीवन जीने की एक कला है। यह सबसे पुरानी चिकित्सा प्रणाली है। महात्मा गांधी के अनुसार प्राकृतिक चिकित्सा ही एक ऐसी पद्वति है। जो किसी को भी स्वस्थ रखने में सक्षम है। भारत
विस्तृत विवरणमानव का मस्तिष्क कम्यूटर के सी.पी. यू. की तरह कार्य करता है। जिसे शरीर के सभी अंग अपने-अपने संदेश भेजते रहते है। और मस्तिष्क उन्हें कार्य के निर्देश देता रहता है। जब भी शरीर के किसी भाग में दर्द होता है, तो हाथ अपने आप उस अंग को दबाने लगता है
विस्तृत विवरणरंगों की प्रभावशीलता हर दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। रंग हमारे जीवन का अटूट हिस्सा रहे है। रंग ही नहीं खुशबू भी हमारे मन-मस्तिष्क पर गहरे एवं अनुकूल प्रभाव छोडती है। रंग एवं सुगंध का समग्र मिश्रण रंग-बिरंगे सुरभित पुष्प है, जिनकी एक झलक भर से हमारा तन-मन
विस्तृत विवरणप्राकृतिक चिकित्सा उतनी ही पुरानी है जीतनी की प्रकृति स्वयं या उसके मूल तत्व आकाश, वायु, अग्नि, जल पृथ्वी आदि। इस प्रकार यह चिकित्सा प्रणालियों की जननी है। आदि काल में कोई औषधि चिकित्सा नहीं होती थी। उस समय फल, दूध, उपवास आदि द्वारा ही शरीर
विस्तृत विवरणवह समय दूर नहीं जब अनेक बीमारियों का इलाज संगीत के द्वारा किया जाएगा। “संगीत चिकित्सा को एक कारगर नुस्खे के रूप में अमल में लाया जाने लगा है। संगीत का हमारे स्वास्थ्य पर गहरा असर पडता है। दुनिया भर में संगीत पर अध्ययन किए जा रहे है, जिसके
विस्तृत विवरणजीवन में आंखो की उपयोगिता कितनी है। इस बात का एहसास उन लोगों से अधिक किसे होगा जो जन्मांध है और नेत्रहीन कहलाते है। लेकिन कुछ लोगों की आंखों से रोशनी धीरे-धीरे कम होती चली जाती है। और वे आंखो के होते हुए भी देख नहीं पाते ३२ प्राकृतिक चिकित्सा कोरियाई चिकित्सा पद्वति सु जोक
विस्तृत विवरणभारत में ५००० वर्ष पूर्व एक विशेष चिकित्सा पद्वति प्रचलन में थी। यही चिकित्सा प्रणाली कालांतर में एक्युप्रेशर “ के रूप में जानी गई। एक्युप्रेशर का शाब्दिक अर्थ है, उंगली, अंगूठे अथवा किसी एनी उपकरण से दबाव देकर शरीर को स्वस्थ रखने का अभ्यास। प्रामाणिक व् प्राचीन ग्रंथों
विस्तृत विवरणचिकित्सा की सु जोक एक्यूपंक्चर पद्वति शारीरिक मानसिक और भावनात्मक तीनों स्टारों की चिकित्सा के लिए एक कारगर पद्वति है। इसका आधार ऊर्जा संतुलन अर्थात यिन और यैंग (पांच तत्व – काष्ट, अग्नि, पृथ्वी, धातु, जल ) का संतुलन है।
विस्तृत विवरणचिकित्सा पद्वतियों के मूल में अनके आश्चर्यजनक तथ्यों का समन्वय है, जिनमें वैज्ञानिक प्रक्रिया, विभिन्न औषधियों ऋतु के अनुकूल खानपान, रोगानुरूप औषधि ग्रहण एवं रोगी की मानसिकता तथा वातावरण आदि प्रमुख है। विश्व की चिकित्सा पद्वतियों का विवेचन
विस्तृत विवरणएक्यूपंक्चर चीनी चिकित्सा पद्वति है, जिसका चलन चीन में पिछले दो हजार वर्षों से है। इन दो हजार वर्षों में इस पद्वति का चीन में काफी विकास हुआ है और लंबे दौर से गुजरने के बड़ा यह समय की कसौटी पर खरी उतरी है। आज के अति आधुनिक समय में,
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