अनेकों लोग विश्व भर में विभिन्न प्रकार की विधाओं और प्रक्रियाओं का विभिन्न कारणों हेतु प्रयोग कर रहे है. सम्मोहन भी इन विधाओं में से एक है. जो की लोग स्वयं व् दूसरों के उपयोग हेतु प्रयोग करते है. यह प्रश्न स्वाभाविक है.
विस्तृत विवरणटोने टोटके' को अक्सर लोग अंधविश्वास का नाम देकर उपहास कर देते हैं। परंतु कभी-कभी ये टोटके बड़ी समस्याओं से निजात दिलाने में सहायक भी होते हैं। प्रस्तुत है वशीकरण के अचूक टोटके
विस्तृत विवरणवशीकरण में मंत्र तंत्र के अलावा टोटकों का प्रयोग भी किया जाता है। प्रस्तुत है कुछ अचूक टोटके, समय व विधि
विस्तृत विवरणदत्तात्रेय तंत्र देवाधिदेव महादेव शंकर के साथ महर्षि दत्तात्रेय का एक संवाद पत्र है। इसकी उपासना से शीघ्र कामना की सिद्धि होती है। प्रस्तुत है दत्तात्रेय तंत्र एवं मंत्र उपासना की विधि।
विस्तृत विवरणसम्मोहन विद्या में यदि तांत्रिक प्रयोग के साथ विभिन्न जड़ी बूटियों का प्रयोग उचित मंत्रों का जप करने के लिए किया जाए तो यह बहुत सी बीमारियों को दूर करने में सक्षम है। ध्यान रहें तंत्र मंत्र के प्रयोगों में निजहित की अपेक्षा लोकहित को वरीयता देना श्रेयस्कर होता है।
विस्तृत विवरण. सम्मोहन व वशीकरण जिसे प्राण विद्या या त्रिकाल विद्या भी कहते हैं भारत की प्राचीन विद्या है। रूद्रयामल व तंत्र चूड़ामणि में सम्मोहन के विभिन्न तरीकों व सम्मोहन चिकित्सा द्वारा रोगी को लाभ व वशीकरण के कुछ उपयोगी मंत्रों का उल्लेख किया गया है। प्रस्तुत है इससे संबंधित जानकारी
विस्तृत विवरणसम्मोहन विद्या मन की एकाग्रता और ध्यान, धारणा एवं समाधिक का मिला जुला रूप है। सम्मोहन विद्या द्वारा जहां जातक की एक ओर आत्मिक शक्ति प्रबल होती है वही उनके आत्मविश्वास में वृद्धि व इच्छा शक्ति में दृढ़ता आती है। प्रस्तुत है सम्मोहन शक्ति प्राप्ति के कुछ उपाय
विस्तृत विवरणशांति, वश्य, स्तंभन, उच्चाटन, मारण व विद्वेषण इन छठ कर्मों को षट्कम कहा गया है परंतु कुछ मंत्र विशारद इसमें दस कर्मों का निरूपण करते हैं। इस आलेख में इनके संपादन की विधि, आधार और प्रभाव पर प्रकाश डालने का प्रयास किया गया है।
विस्तृत विवरणशरीर एवं मन के रोगों की शांति से लेकर किसी को अपनी ओर आकर्षित करने या स्तंभन करने के लिए भारतीय वेद शास्त्रों में अनेक प्रकार के अनुष्ठानों का वर्णन है। प्रसतुत लेख में षट्कर्म साधना क्रिया की विधि व विभिन्न कार्यों के लिए कौन सा मंत्र एवं यंत्र उपयोग में लाना चाहिए का विवरण किया गया है।
विस्तृत विवरणसम्मोहन व वशीकरण जिसे प्राण विद्या या त्रिकाल विद्या भी कहते हैं भारत की प्राचीन विद्या है। रूद्रयामल व तंत्र चूड़ामणि में सम्मोहन के विभिन्न तरीकों व सम्मोहन चिकित्सा द्वारा रोगी को लाभ व वशीकरण के कुछ उपयोगी मंत्रों का उल्लेख किया गया है। प्रस्तुत है इससे संबंधित जानकारी
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