दीपावली पूजन | मुहूर्त
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मुहूर्तदीपावली पूजन
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नवंबर 2013
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अचला एवं सुस्थिरा लक्ष्मी का पूजन

मां लक्ष्मी की आराधना के अनेक रूप हैं। धन की कामना करने वाले अनेक अवसरों पर उनकी पूजा और आराधना करते हैं। परंतु दीपावली की रात्रि को मां लक्ष्मी की आराधना का विशेष प्रसंग मिलता है। मां लक्ष्मी की आराधना के कई मंत्र हैं। कुछ लोग मां लक्ष्मी की उपासना उनके बैठे रूप में करने को कहते हैं ताकि मां लक्ष्मी आयेंगी तो स्थिर रूप से आराधना करने वाले के यहां निवास करेंगी। अभी मां लक्ष्मी जहां हंै वहां से क्या वह खिसक-खिसक कर आयेंगी? अगर कहीं दूसरी जगह से आती हैं तो वहां से खड़ा होना भी अपेक्षित है। जरा विचार कीजिए ‘लक्ष्मी’ ने किसके यहां हमेशा निवास किया है। राजा-महराजा इसके उदाहरण हैं।

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अक्तूबर 2013
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ऐसे प्रकट हुईं मां दुर्गा

शास्त्रों में दुर्गा के नौ रूप बताए गए हैं। वास्तव में ये नौ रूप दुर्गा के गुणवाचक नाम हैं जिनका अपना अलग-अलग महत्व है। वास्तव में दुर्गा की उत्पत्ति दुष्टों के संहार हेतु समस्त देवताओं द्वारा हुई। देवताओं ने अपनी-अपनी शक्ति देकर दुर्गा को सबल बनाया और दुष्टों के विनाश में सहयोगी बने। पुराणों में देवी दुर्गा के आविर्भाव की अनेक कथाएं प्रचलित हैं। एक बार महिषासुर नामक दानव ने पूरे संसार में आतंक फैला रखा था। वह देवों तथा मनुष्यों को बहुत सता रहा था। देवों ने ब्रह्मा, विष्णु व महेश से सहायता मांगी, किंतु वे बोले कि केवल देवी मां ही उनके लिए कुछ कर सकती हैं। देवों ने सर्वशक्तिमान देवी मां से प्रार्थना की। ब्रह्मा, विष्णु व महेश के सामने अचानक एक ज्वाला प्रकट हुई, जिसने देवी का रूप ले लिया। देवी बहुत सुन्दर थीं।

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नवंबर 2012
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दीपावली की ऊर्जा में अपने सपने साकार करें

दीपावली में धन देवी को प्रसन्न करने के लिए हम उनकी पूजा-अर्चना विधि-विधान से अक्रते है और ध्यान रखते है की कोई गलती न हो जायें। हमारा सारा ध्यान ठीक ढंग से पूजा करने में लगा रहता है।

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Diwali-Pooja-bundle:-Laxmi-to-achieve-impressive
अक्तूबर 2011
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दीपावली पूजन पोटली

देवी महालक्ष्मी संपूर्ण, ऐश्वर्य, चल। अचल, संपति, धन, यश,कीर्ति एवं सकल सुख वैभव को देने वाली साक्षात जगत माता नारायणी हैं। श्री गणेश जी समस्त विध्नों के नाशक, अमंगलों के हरणकर्ता, सद्विध्या एवं बुद्धि के दाता हैं

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अक्तूबर 2011
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दीपावली पर्व श्रंखला

नवरात्र, महाअष्टमी व् महा नवमी : ये पर्व मां दुर्गा शक्ति के प्रतिक है। जिन जातकों को ऊर्जा का अभाव महसूस होता हो, अंजाना डर हमेशा दिल में समाया रहता हो, स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता हो, किसी उद्द्योग, प्रतिष्ठान में दुर्घटना आदि होती रहती हो, घर में क्लेश व् बीमारी बनी रहती हो तो इन दिनों में पूजा करने से जातक को इन सभी कष्टों से मुक्ति प्राप्त होती है।

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अक्तूबर 2009
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दीपावली एवं मुहूर्त

कार्तिक मास की अमावस्या तिथि महा निशा की रात कों दीपावली का पर्व मनाया जाता है. इसी दिन सूर्य का तुला राशि में प्रवेश होता है. तुला राशि का स्वामी शुक्र सभी मनोकामनाएं पूरी करने वाला ग्रह है. यह कालपुरुष कुंडली में धन व सप्तम भाव का स्वामी भी है....

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अक्तूबर 2008
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शारदीय नवरात्र एवं पंच पर्व दीपावली के शुभ मुहूर्त

इस वर्ष शारदीय नवरात्र का आरम्भ दिनांक ३० सितम्बर २००८, मंगलवार से हो रहा है। भारतवर्ष में नवरात्र का बडा महत्व है। शक्ति की उपासना करने वाले उपासकों के लिए तो यह अवधि बहुत महत्वपूर्ण होती है। जनसामान्य के लिए भी नवरात्र में आनंद, उत्सव और उपासना।

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अक्तूबर 2006
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आपके विचार

दीपावली का सामान्य परिचय लक्ष्मी पूजा के उत्सव के रूप में हैं। समुद्र मंथन के समय १४ रत्न निकले थे। जिनमें पहले रत्न लक्ष्मी अर्थात श्री के प्रकट होने की अंतर्कथा वाला प्रसंग दीपावली का प्रमुख सन्दर्भ है। पौराणिक महत्व के साथ यह एक व्यवहारिक

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