स्वप्न एवं उनके फल दोनों ही अलग-अलग प्रकार के नेटवर्क हैं जो विद्युतीय संकेतों को लाने ले जाने का कार्य करते हैं। दोनों में ही ये संकेत विभिन्न स्विचों और फाटकों से गुजरते हुए अंत में एक सार्थक रूप ले लेते हैं।
Read Moreदादाराव के लेख में विभिन्न प्रकार के हस्ताक्षरों के स्वरूप तथा उनके प्रतिफल का विवरण दिया गया है। हस्ताक्षर एक दर्पण है जिससे व्यक्ति का व्यक्तित्व अवश्य झलकता है। हस्ताक्षरों में कुछ विशेष चिन्ह देखने को मिलते हैं, जिससे आप भविष्य के बारे में बता सकते हैं।
Read Moreयजुर्वेद में भी 34/4 में ''येन यज्ञास्तायते सप्तहोता'' के रूप में वर्णन करते हुए कहा गया है कि पांच ज्ञानेन्द्रियां, मन और बुद्धि इन सात होताओं के द्वारा ही शरीर रूपी यज्ञशाला में ज्ञान प्राप्ति का यज्ञ चलता रहता है। हम जो अच्छे-बुरे स्वप्न देखते हैं उसे कर्त्ता रूपी जीवात्मा, दृष्टा रूपी परमात्मा होकर देखता है। स्वप्नमयी संसार का कारण होता है सूक्ष्म शरीर
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