मंगलवार को 3 किलो पालक, सूर्यास्त से पहले, ला कर घर में किसी परात आदि में रख दें। बुधवार के दिन प्रातः, पालक किसी थैले में रख कर, घर से बाहर जा कर, किसी गाय को खिला दें। यदि गाय पालक सूंघ कर छोड़ दे, या थोड़ा खा कर छोड़ दे, तो समझें कि बंधन दोष है।
Read Moreज्योतिष, हस्तरेखाओं के माध्यम से मानसिक तनाव की स्थितियों का ज्ञान आसानी से किया जा सकता है और ज्योतिषीय, योग व शास्त्रीय उपायों से कुछ सीमाओं तक तनाव मुक्ति का प्रयास किया जा सकता है।
Read Moreसौर मंडल के ग्रहों का सभी प्राणियों पर राशि चक्र के अनुसार अच्छा बुरा प्रभाव निरंतर पड़ता रहता है। जन्म लग्न, दया, महादशा, अंतर्दशा तथा प्रत्यंतरों का प्रभाव अवश्य फल दिखाता है। नाम राशि के अनुसार भी गोचर के ग्रह अपना प्रभाव देवन्दिनी के अनुसार दिखाते हैं। लग्न, जन्मराशि तथा नाम राशि से चौथे, आठवें, बारहवें स्थान की स्थिति का प्रभाव सभी पर पड़ता है। प्रधानतः नौ ग्रहों के दुष्प्रभाव को शांत करने के लिए क्रमशः कुछ उपाय निर्देशित कर रहे हैं कृपया इनका लाभ सभी सज्जनवृंद उठाएंगे। सूर्य : सूर्य को प्रसन्न करने के लिए शिक्षित लोगों को आदित्यहृदय का पाठ अवश्य करना चाहिए। माता-पिता की सेवा तथा सूर्य को अर्द्ध जल में रोली तथा लाल पुष्प डाल कर देना चाहिए। सोना-तांबा तथा चीनी, गुड़ का दान भी करें। सूर्योदय से पूर्व उठें तथा रविवार का व्रत करें नमक का परहेज करें, बुजुर्गों का सम्मान करें तथा उनकी परंपरा को सम्मानपूर्वक निभाएं।
Read Moreकुंडली में ग्रहों की स्थिति और सितारों की नजर बताती है। आपके करियर का राज :- हर विद्यार्थी अपनी पढ़ाई में कठिन परिश्रम कर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करता है। अपने भाग्य और कड़ी मेहनत के बल पर ही कोई, विद्यार्थी परीक्षा में श्रेष्ठ अंकों को प्राप्त कर सकता है। किसी भी तरह की परीक्षा में इंटरव्यू में जाने के पूर्व बड़ों का अशीर्वाद लेना चाहिए। मीठे दही में तुलसी का पत्ता मिलाकर सेवन करना चाहिए इस तरह के उपायों से सफलता प्राप्त करने में सहायता मिलती है। इन्हीं में कुछ मंत्रों यंत्रों एवं सरल टोटकों के प्रभाव से अच्छी सफलता प्राप्त की जा सकती है।
Read Moreसूर्य पुत्र शनि का भय हर किसी को त्रस्त करता है। शनि की साढ़ेसाती एवं ढैया लोगों को मानसिक उद्वेग देती है। भारतीय ज्योतिष में पापी ग्रहों एवं नीच ग्रहों के दुष्प्रभाव को दूर करने के लिए उपायों का वर्णन है। लाल किताब के अनुसार ग्रह शुभ हो या अशुभ दोनों का उपाय कर शुभ फल प्राप्त किया जा सकता है। इस लेख में लाल किताब में वर्णित शनि ग्रह के दोषों को दूर करने वाले उपायों का वर्णन है -
Read Moreप्रत्येक व्यक्ति में यह स्वभाविक इच्छा होती है कि मैं सदा सुखी, धनी व स्वस्थ रहूं। जब उसकी किसी भी इच्छा की पूर्ति नहीं होती तो वह विचलित हो जाता है। अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए वह ज्योतिषीय वास्तु उपायों का सहारा लेता है।
Read Moreवेद, उपनिषद, रामायण और महाभारत जैसे प्राचीन ग्रंथों में राशि, नक्षत्र और ग्रहों का अनेक स्थानों पर वर्णन ज्योतिर्विद्या के प्राचीनतम् होने का संकेत है। उस काल में इस विद्या का प्रादुर्भाव सूर्य, ब्रह्मा, व्यास, वशिष्ठ, अत्रि, पराशर, कश्यप, नारद, गर्ग, मरीचि, मनु, अंगिरा, लोमश, पौलिश, भृगु, च्यवन, यवन, शौनक और पुलस्तय नामक 19 ऋषियों की दूरदृष्टि से हुआ था।
Read MoreVastu shastra is an ancient science which helps one to get the natural benefits freely offered by the five basic elements of the universe in which we all live.These basic elements are SKY, EARTH, FIRE, WIND and WATER. Vastu shastra can be applied by keeping in harmony with these basic five elements of nature.
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