आप और दीपावली की रात में विशिष्ट उपाय

आप और दीपावली की रात में विशिष्ट उपाय  

हिंदू समाज में दीपावली पूजन प्रायः प्राचीन काल से ही प्रचलित है। दीपावली की रात गणेश जी की पूजा से सद्बुद्धि और ज्ञान मिलता है जिससे व्यक्ति में धन कमाने की प्रेरणा आती है। व्यक्ति में इस बात की भी समझ बढ़ती है कि धन का सदुपयोग किस प्रकार करना चाहिए। माता लक्ष्मी अपनी पूजा से प्रसन्न होकर धन का वरदान देती हैं। आज की इस शंृखला में हम अपने पाठकों के साथ उनके लग्न/राशि अनुसार विशेष पूजन पर चर्चा करेंगे ताकि पाठकगण लक्ष्मी गणेश की पूर्ण अनुकंपा प्राप्त कर सकें और उनका वर्ष हर रूप से मंगलदायक हो और हर लग्न/राशि के लिए बताए गए मंत्र भी इस दीपावली पूजन के साथ-साथ अत्यधिक लाभकारी हों। मेष:: इस वर्ष गुरु का गोचर आपकी लग्न/राशि से पंचम स्थान पर होने के कारण संतान से शुभ फल मिलने की आशा है। लेकिन शनि का गोचर आपके स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति को परेशान कर सकता है। वर्ष को शुभ बनाने के लिए दीपावली की रात को आप लक्ष्मी जी के समक्ष 14 (सरसों के तेल का) दीपक जलाएं और अपने स्वास्थ्य की शुभकामना करें। साथ ही लक्ष्मी गणेश को काले गुलाब जामुन का भोग लगाएं। सात मुखी रुद्राक्ष माला पर 5 माला लक्ष्मी मंत्र (ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः) के साथ 7 माला शनि मंत्र (ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः) का पाठ करें। वृष: यह वर्ष आपके लिए नव वाहन या नव गृह के लिए शुभफलदायक होगा। परिवार में सुख सामंजस्य बना रहेगा, काम में भी विशेष तरक्की प्राप्त होगी। किंतु पति-पत्नी में छोटी -छोटी बातों पर आपसी मतभेद हो सकते हैं। आपसी सामंजस्य बढ़ाने के लिए दो या सात सफेद कमल के फूल लक्ष्मी जी को अर्पित करें। 5/10 या 15 तिल के तेल का दीपक जलाएं। खील बताशे का प्रसाद चढ़ाएं। स्फटिक की माला पर लक्ष्मी मंत्र ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायैविच्चे का जाप करें। स्फटिक का श्री यंत्र घर में स्थापित करें। मिथुन: इस वर्ष आपकी व्यापारिक वृद्धि होगी। शत्रुओं का दमन होगा लेकिन कभी-कभी शत्रु हावी होने की कोशिश करेंगे। विघ्न बाधाओं का नाश करने के लिए चार मुखी रुद्राक्ष माला पर गणपति मंत्र (ऊँ गणपतये नमः) का जाप करें। लक्ष्मी गणेश को पान, इलाइची के बीड़े का भोग लगाएं और शत्रु नाश के लिए बटुक भैरव मंत्र ‘ऊँ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु-कुरु बटुकाय ह्रीं’ का जाप करें। मरगज के लक्ष्मी गणेश स्थापित करें। सरसों के तेल के 12 दीपक लक्ष्मी-गणेश के सम्मुख जलाएं। कर्क: इस वर्ष गुरु का गोचर आपके लिए महालक्ष्मी योग लेकर आया है। अतः इस योग की पूर्ण प्राप्ति के लिए स्वर्णिम श्री यंत्र दीपावली के दिन स्थापित करें। आप कमलगट्टे की माला पर महालक्ष्मी का बीज मंत्र -ऊँ महालक्ष्म्यै च विùहे विष्णुपत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्।। का जाप करें और लाल कमल के पुष्प लक्ष्मीजी को समर्पित करें। चांदी के लक्ष्मी गणेश स्थापित कर उन पर कमल के फूल चढ़ाएं। तिल के तेल के 10 दीपक जलाएं और खील बताशे का भोग लगाएं।करें। सिंह: यह वर्ष आपके लिए बहुत मान-सम्मान लेकर आएगा। वाहन व घर की प्राप्ति होगी। लाभ प्राप्ति के लिए रोज क्वार्ट्ज के लक्ष्मी गणेश स्थापित करें। ललिता त्रिपुर सुंदरी मंत्र ऊँ श्री श्री ललिता महात्रिपुरसुन्दर्ये श्री महालक्ष्म्यै नमः का 5 माला पाठ करें। कमल गट्टे की माला से जाप करें। स्वर्ण श्री यंत्र स्थापित करें। 5/10 या 15 तिल के तेल के दीपक जलाएं। लक्ष्मी गणेश को गुलाबी चमचम का भोग लगाएं। कन्या: विदेश यात्रा के योग बनेंगे। संपत्ति या शुभ कार्य में निवेश हो सकता है जैसे संतान की शादी या फिर संपत्ति खरीद सकते हैं। यह निवेश केवल शुभ हो अशुभ न रहे इसके लिए आप महालक्ष्मी गायत्री मंत्र -ऊँ महालक्ष्म्यै च विùहे विष्णुपत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्।। का 5 माला स्फटिक या रुद्राक्ष माला पर जाप करें। मरगज के श्री यंत्र स्थापित करें। सरसों के 12 तेल के दीपक जलाएं। पीले रंग के राजभोग का प्रसाद चढ़ाएं। लक्ष्मी गणेश को पान का जोड़ा चढ़ाएं। तुला: लग्न/राशि से दूसरे में शनि, ग्यारहवें में गुरु का गोचर है। यह वर्ष आपके लिए अत्यधिक लाभदायक, धन धान्य से भरपूर होगा। इसमें आप 15 दीपक तिल के तेल के जलाएं। लक्ष्मी-गणेश को खोये की बर्फी का प्रसाद चढ़ाएं। स्फटिक के लक्ष्मी गणेश स्थापित करें और स्फटिक की माला पर सात माला ऊँ श्री महालक्ष्म्यै नमः मंत्र का जाप करें। वृश्चिक: यह वर्ष आपसे नवीन कार्य, नयी उन्नति करवाकर उसमें लाभ देगा। यह वर्ष आपके लिए उत्तम है। आप इसमें मूंगे के लक्ष्मी गणेश व श्री यंत्र स्थापित करें। पूजन श्री महालक्ष्मी मंत्र या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरुपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। कोे मूंगे या लाल चंदन की माला से 5 बार जाप करें। आप बूंदी के लड्डुओं का प्रसाद चढ़ाकर लक्ष्मी गणेश पर लाल फूल अर्पित करें। धनु: यह वर्ष आपके भाग्य में वृद्धिदायक होगा। फाइनेंस के लिए अति उत्तम है लेकिन रोग, ऋण का संकट बना रहेगा। आमदनी अच्छी रहेगी। इस वर्ष दीपावली की रात के विशेष पूजन से आप रोग व आसन्न नुकसान से अपना बचाव कर सकते हैं। आप महामृत्युंजय मंत्र - ऊँ त्रयंम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्, उर्वारुकमिव बंधनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।। का सप्तमुखी रुद्राक्ष माला पर 11 माला जाप करें। शनि मंत्र ऊँ शं शनैश्चराय नमः का 7 माला जाप करें। पारद के लक्ष्मी गणेश स्थापित करें जिससे स्वास्थ्य वृद्धि होगी। भगवान को पीली मिठाई का भोग लगाएं। नीले कमल के फूल चढ़ाएं। 4 सरसों के तेल के दीपक जलाएं। आपकी पराविद्या में रूचि बढ़ेगी। मकर: पैतृक संपत्ति या अचानक धन लाभ के योग बने हैं। इस साल फाइनैन्सियली अच्छा करेंगे। आप मिट्टी के लक्ष्मी गणेश स्थापित करें और पंचमुखी रुद्राक्ष माला पर महालक्ष्मी गायत्री मंत्र -ऊँ महालक्ष्म्यै च विùहे विष्णुपत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्।। का 5 माला जाप करें । व्यापार वृद्धि यंत्र स्थापित करें। लक्ष्मी-गणेश को बादाम की बर्फी का भोग लगाएं। सफेद पुष्प चढ़ाएं। तिल के तेल का 10 दीपक जलाएं। कुंभ: आपके लग्न/राशि से दशम में शनि तथा सप्तम भाव में गुरु का गोचर है। अविवाहित का विवाह, संतान प्राप्ति, नई नौकरी, भवन के योग हैं। यह वर्ष मनोकामना पूर्ण करने वाला होगा। स्फटिक के लक्ष्मी-गणेश स्थापित करें। स्फटिक की माला से ऊँ श्रीं ह्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्म्यै नमः का 5 माला जाप करें। लक्ष्मी-गणेश को काजू की बर्फी का भोग लगाएं, खील बताशे चढ़ाएं। तिल के तेल के 11 दीपक जलाएं। सफेद फूल चढाएं। स्फटिक श्रीयंत्र, सर्वकार्य सिद्धि यंत्र की स्थापना करें। मीन:: आपके लग्न/राशि से ( छठे में गुरु, नवम में शनि) का गोचर होने से धर्मार्थ यात्राएं होंगी। स्वर्णिम श्री लक्ष्मी गणेश व श्री यंत्र की स्थापना करें। तिल के तेल के 12 दीपक जलाएं। हल्दी माला पर भाग्य की पूर्ण फल प्राप्ति हेतु ललिता त्रिपुर सुंदरी का बीज मंत्र ऊँ श्री श्री ललिता महात्रिपुरसुन्दर्ये श्री महालक्ष्म्यै नमः का 5 माला जाप और श्री लक्ष्मी सूक्त का जाप करें। लक्ष्मी-गणेश को राजभोग का भोग लगाएं, केसरिया रंग के फूल चढ़ाएं, पीले लड्डू चढ़ाएं।


लक्ष्मी विशेषांक  नवेम्बर 2015

देवी लक्ष्मी को हर प्रकार का धन एवं समृद्धि प्रदायक माना जाता है। आधुनिक विश्व में सबकी इच्छा आरामदेह एवं विलासितापूर्ण जीवन जीने की होती है। प्रत्येक व्यक्ति कम से कम मेहनत में अधिक से अधिक धन कमाने की अभिलाषा रखता है इसके लिए देवी लक्ष्मी की कृपा एवं इनका आशीर्वाद आवश्यक है। दीपावली ऐसा त्यौहार है जिसमें देवी लक्ष्मी की पूजा अनेक तरीकों से इन्हें खुश करने के उद्देश्य से की जाती है ताकि इनका आशीर्वाद प्राप्त किया जा सके। फ्यूचर समाचार के वर्तमान अंक में प्रबुद्ध लेखकों ने अपने सारगर्भित लेखों के द्वारा देवी लक्ष्मी को खुश करने के अलग अलग उपाय बताए हैं जिससे कि देवी उनके घर में धन-धान्य की वर्षा कर सकें, अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करें तथा पदोन्नति दें। बहुआयामी महत्वपूर्ण लेखों में सम्मिलित हैं: पंच पर्व दीपावली, लक्ष्मी प्राप्ति के अचूक एवं अखंड उपाय, दोष तंत्र- निरंजनी कल्प, लक्ष्मी को खुश करने के उपाय, दीपावली पर धन प्राप्त करने के अचूक उपाय, श्री वैभव समृद्धिदायिनी महालक्ष्मी अर्चना योग, क्यों नहीं रुकती मां लक्ष्मी, लक्ष्मी प्राप्ति के लिए विभिन्न प्रयोग, दीपावली के 21 उपाय एवं 21 चमत्कार आदि। इसके अतिक्ति कुछ स्थायी काॅलम के लेख भी उपलब्ध कराए गये हैं।

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