शिक्षा, व्यवसाय और धन योग

जनवरी 2005

व्यूस: 8061

किसी जातक की कुंडली में चतुर्थ भाव का स्थान अति महत्वपूर्ण है। यह भाव माता का भाव है। इसका शिक्षा से गहरा संबंध है, क्योंकि बच्चे की मां उसकी पहली शिक्षक होती है। कुंडली के पंचम, अष्टम और नवम भाव भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। भाव, भा... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगशिक्षाकुंडली व्याख्याभविष्यवाणी तकनीकव्यवसायसंपत्ति

वास्तु संबंधित प्रश्न

अकतूबर 2010

व्यूस: 7742

प्रद्गन : पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती हुई सूर्य की परिक्रमा करती है। अर्थात् पृथ्वी स्थिर नहीं है। ऐसे में वास्तु की प्रासंगिकता क्या है? उत्तर : यह सही है कि पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती हुई सूर्य की परिक्रमा करती है, साथ ही हमारा पूर... और पढ़ें

स्वास्थ्यवास्तुसुखगृह वास्तुव्यवसायिक सुधारसंपत्ति

दिशाओं में छिपी समृद्धि: पंचतत्व व इष्टदेव

अप्रैल 2012

व्यूस: 7593

व्याधिं मृत्यं भय चैव पूजिता नाशयिष्यसि। सोऽह राज्यात् परिभृष्टः शरणं त्वां प्रपन्नवान।। प्रण्तश्च यथा मूर्धा तव देवि सुरेश्वरि। त्राहि मां पùपत्राक्षि सत्ये सत्या भवस्य नः।। ”तुभ पूजित होने पर व्याधि, मृत्यु और संपूर्ण भयों का ना... और पढ़ें

देवी और देववास्तुगृह वास्तुव्यवसायिक सुधारसंपत्ति

पदमावती यंत्र / पदमावती मंत्र

फ़रवरी 2013

व्यूस: 7414

कष्टोंपचार के त्रिविध साधनों में से यंत्र एवं मंत्र दो अति महत्वपूर्ण साधन माने गए हैं। वैदिक काल से ही इनकी श्रेष्ठता किसी न किसी रूप में इनके कुशल एवं लाभदायक अनुप्रयोगों द्वारा स्पष्ट होती रही हैं।... और पढ़ें

देवी और देवउपायमंत्रसंपत्तियंत्र

लक्ष्मी प्राप्ति के लिए विशेष प्रभावशाली दीपावली पूजन पोटली

नवेम्बर 2007

व्यूस: 7191

देवी महालक्ष्मी संपूर्ण, ऐश्वर्य, चल, अचल, संपति, धन, यश, कीर्ति एवं सकल सुख वैभव को देने वाली साक्षात् जगत माता नारायणी है। श्री गणेश जी समस्त विध्नों कि नाशक, अमंगालों के हरण करता, सद्विद्या एवं बुद्धि के दाता हैं, कार्तिक अमावस... और पढ़ें

देवी और देवमंत्रसंपत्तियंत्र

लक्ष्मी आगमन के विशेष वास्तु उपचार

दिसम्बर 2009

व्यूस: 7125

गृह के मुख्य द्वारा को गृहमुख माना जाता है. इसका वास्तु शास्त्र में विशेष महत होता हा. यह परिवार व् गृहस्वामी की शालीनता,समृद्धि विद्वता दर्शाता है. इसलिए मुख्य द्वार को हमेशा बाकी द्वारों की अपेक्षा कुछ बड़ा व् सुसज्जित रखने की प्... और पढ़ें

देवी और देववास्तुभविष्यवाणी तकनीकसंपत्ति

वर्षफल 2013

जनवरी 2013

व्यूस: 7066

वर्ष का पूर्वार्ध आपके कार्य व्यवसाय के लिए खुशखबरी लेकर आने वाला हैं। इस वर्ष आप चाहे तो अपनी नौकरी या व्यवसाय को परिवर्तित भी कर सकते हैं।... और पढ़ें

ज्योतिषस्वास्थ्यउपायव्यवसायगोचरसंपत्ति

कुछ उपयोगी टोटक

जनवरी 2011

व्यूस: 6996

छोटे-छोटे उपाय हर घर में लोग जानते हैं, पर उनकी विधिवत्जानकारी के अभाव में वे उनके लाभ से वंचित रह जाते हैं।... और पढ़ें

स्वास्थ्यउपायविवाहटोटकेसंपत्ति

जन्मांग में आपका धन एवं आमदनी का साधन

मई 2011

व्यूस: 6989

विभिन्न लग्नों के धनदायक ग्रहों की बलवान स्थिति व्यक्ति को खूब धन लाभ कराती है। यदि कुंडली में धन भाव और लाभ भाव दोनों श्रेष्ठ है तो व्यक्ति धन आसानी से कमा सकता है। किस योग से किस जन्म लग्न में और किन ग्रहों से धन प्राप्त होता है... और पढ़ें

ज्योतिषकुंडली व्याख्याभविष्यवाणी तकनीकसंपत्ति

भोजशाला (रसोई)

अकतूबर 2010

व्यूस: 6783

जैसा खाओगे अन्न वैसा बनेगा मन (16 कक्षों की कल्पना के कारण में भोजनालय भी है।) इसलिये रसोईघर घर का सबसे संवेदनशील स्थान होता है। यह सर्वविदित है कि प्रत्येक प्राणी के जीवन में भोजन का बहुत महत्त्व है। क्योंकि यह शारीरिक व मानसिक द... और पढ़ें

स्वास्थ्यवास्तुसुखगृह वास्तुव्यवसायिक सुधारसंपत्ति

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