सांप के विष से कैसे अपने को बचायें

चैत्र मास की मेष संक्रांति के दिन मसूर की दाल को एवं प्रातः नीम की कोमल पत्तियों को चबा कर ऊपर से पानी पीकर बाहर घूमने चले जायें । इस तरह यह क्रिया करेंगे तो शरीर में विषरोधी क्षमता बढ़ जाती है तब जहरीला सर्प डंक मार देता है तब भी उसको हानि नहीं होगी।

लक्ष्मी जी का वास अपने घर में कैसे करें

जब घर में आटा पिसवाने जाते हैं तो उस गेहूं में तुलसी के ग्यारह पत्ते डालकर आटा पिसवायें तथा केसर के दो पत्ते डाल दें व आटा सोमवार तथा शनिवार को ही पिसवायें तो घर में बरकत व लक्ष्मी जी का आगमन हो जाता है।

पति व पत्नी के बीच की दूरी कैसे दूर करें

रात्रि के समय सोने से पहले पति के तकिये में सिंदूर की पुड़िया रख दें और पत्नी के तकिये में कपूर की 2 टिक्की रख दें। प्रातः होते ही सिंदूर की पुड़िया से सिंदूर को फूंक मारकर उड़ा दें तथा कपूर की टिक्की को मिट्टी के दीपक में रख कर जला दें।

पैतृक संपत्ति की प्राप्ति हेतु उपाय

घर में पूर्वजों द्वारा गाड़े हुए धन को निकालने के लिए 21 श्वेत चितकवरी कौड़ियों को भली-भांति पीसकर उनका चूर्ण बना लें तथा उस स्थान पर रख दें जहां धन गड़े होने का शक है। इस प्रकार एक-एक महीना बाद घर में सभी कमरों में यह पुड़िया रखते रहें। जहां पर होगा वहां पर जमीन से आवाज निकलेगी तथा खोदने पर धन निकलेगा।

कर्ज को वापस लेने का उपाय:

किसी को धन आपने सूद पर या बिना सूद के सहायतार्थ दिया है। अब वह व्यक्ति देने में आना-कानी कर रहा है तो 21 श्वेत चितकबरी कौड़ी लेकर उन्हें पीस लें तथा उसके चूर्ण से उस व्यक्ति के घर के दरवाजे पर लिख दें तथा 43 दिनों तक यह करें तो घर में सबके हृदय में एक ही भावना उत्पन्न होगी कि कर्ज के कारण घर में धन की हानि हो रही है। यदि हम कर्ज वापस कर दें तो घर में शांति आ सकती है। इस तरह वे धन वापस कर देंगे। अन्यथा बराबर हानि एवं क्लेश परिवार में बढ़ता ही जायेगा।

सभी कार्य सिद्धि हेतु उपाय

एक नींबू लेकर उसमें चार लौंग लगाकर उस नींबू को अपने हाथ में रखकर ऊँ श्री हनुमते नमः मंत्र से 21 बार जाप करके नींबू को गंगा जल मं धोकर अपनी जेब या पाॅकेट या पर्स में रख लें, आप के सभी कार्य बनने लगेंगे।



रत्न एवं रूद्राक्ष विशेषांक  मई 2014

फ्यूचर समाचार के रत्न एवं रूद्राक्ष विशेषांक में अनेक रोचक और ज्ञानवर्धक आलेख हैं जैसे- रूद्राक्ष की ऐतिहासिक पृष्ठ भुमि, रूद्राक्ष की उत्पत्ति, रूद्राक्ष एक वरदान, रूद्राक्ष धारण करने के नियम, ज्योतिष में रत्नों का महत्व, रत्न धारण का समुचित आधार, रत्न धारण से रोगों का निदान, उपरत्न, लग्नानुसार रत्न निर्धारण, रत्नों का महत्व और स्वास्थ्य आदि। इसके अतिरिक्त पंच पक्षी के रहस्य, वट सावित्री व्रत, अक्षय तृतिया एवं आपकी राशि, ग्रह और वकालत, एक सभ्य समाज के निर्माण की प्रक्रिया, अगला प्रधानमंत्री कौन, कुण्डली के विभिन्न भावों में केतु का फल, सत्य कथा, पुंसवन संस्कार, हैल्थ कैप्सूल, शंख थेरेपी, ज्योतिष और महिलाएं तथा वास्तु प्रश्नोत्तरी व वास्तु परामर्श जैसे अन्य रोचक आलेख भी सम्मिलित किये गये हैं।

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