वास्तु में समचोरस आकार व ईशान का महत्व

वास्तु में समचोरस आकार व ईशान का महत्व  

जनवरी माह मे पंडित जी न्यू फ्रेंड्स काॅलोनी में निर्माणाधीन एक भवन देखने गये, जोकि लगभग आधा बन चुका था। भवन निरीक्षण करने के बाद पंडित जी ने गृह स्वामी से कुछ प्रश्न पूछे 1. क्या मालिक के पेट का आॅपरेशन हो चुका है ? 2. क्या इनकी बेटी की शादी में रूकावटें आ रही हैं ? 3. क्या कोई कोर्ट केस चल रहा है ? 4. क्या अभी तक इस घर में जरूरत से ज्यादा धन लग चुका है। मालिक ने सभी प्रश्नांे के उत्तर हाँ में दिए और बताया कि किसी कोर्ट केस की वजह से चार साल तक भवन का निर्माण कार्य स्थगित रहा और भवन निर्माण पुनः प्रारंभ हुआ है। परन्तु इसी बीच मेरा और मेरी पत्नी के पेट का आॅपरेशन हो चुका है। मेरी बहू की डिलीवरी भी आॅपरेशन के द्वारा हुई है। बेटी की शादी में भी बहुत परेशानी हो रही है। कई कारणों से घर में धन भी बहुत अधिक लग चुका है। कृप्या मुझे इन कष्टों से निदान दिलाएं। - घर का प्रवेश द्वार और लिफ्ट सही दिशा में हैं। परन्तु उत्तर-पूर्व (ईशान) कोण का कटा होना व उत्तर-पूर्व (ईशान) में सीढ़ी के होने से मालिक को हरदम तनाव, संतान सुख में अवरोध, धन की कमी और पैसा रूक-रूक कर आता है। उसे परगोला बना कर ठीक करें और सीढ़ी यहां से हटाएं, आपको तुरंत आराम मिलेगा। दक्षिण-पूर्व(आग्नेय) व पूर्व में भी लकड़ी का अधिकतम प्रयोग कर के हल्की सीढ़ियाँ बनाई जा सकती हंै। परन्तु यह आवश्यक है कि पश्चिमी क्षेत्र की सीढ़ियों की ऊंचाई व वजन पूर्वी भाग में आने वाली सीढ़ियों के हिस्से से अधिक होनी चाहिये। - स्पाइरल (घुमावदार) सीढ़ी घर में होने से पेट के आॅपरेशन होते हंै। कृप्या उसे हटा कर पश्चिम मे नाॅर्मल सीढ़ी बनायें। - दक्षिण-पश्चिम(नैर्ऋत्य) कोण और पश्चिम क्षेत्र बढ़ा हुआ है जिस कारण हर कार्य में देरी होती है। कृप्या भवन का यह भाग सीधा करवा लें नुकसान काफी कम हो जायेगा। - टाॅयलेट का कुछ हिस्सा दक्षिण-पश्चिम(नैर्ऋत्य) कोण में आ रहा है, जो चल सकता है क्योंकि आप अपनी सीट दक्षिण में कर सकते हैं। दक्षिण-पश्चिम(नैर्ऋत्य) कोण मंे गड्ढा मालिक को गड्ढे में भेजने जैसा होता है। परन्तु वाल माउन्टेड सीट लगाकर इसका प्रभाव हम काफी हद तक कम कर सकते हैं। - पंडित जी ने उन्हंे वैज्ञानिक ढंग से तर्क देते हुये इसी तरह के कई मकानों का उदाहरण देते हुये समझाया कि बताये गये सुझावों को कार्यान्वित करने से उन्हें अवश्य लाभ होगा। फ्यूचर समाचार के प्रबुद्ध पाठकों को बताते हुये हमें अत्यंत हर्ष हो रहा है कि इसी माह वह मकान पूरा हो चुका है, तथा मकान मालिक की अधिकांश समस्याओं में उन्हें बहुत लाभ हुआ ह


विद्या बाधा निवारण विशेषांक  फ़रवरी 2016

फ्यूचर समाचार का यह विशेषांक पूर्ण रूपेण शिक्षा को समर्पित है। हम जानते हैं कि शिक्षा किसी व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अवयव है तथा शिक्षा ही उस व्यक्ति के जीवन में सफलता के अनुपात का निर्धारण करता है। किन्तु शिक्षा अथवा अध्ययन किसी तपस्या से कम नहीं है। अधिकांश छात्र लगातार शिक्षा पर ध्यान केन्द्रित करने में परेशानी का अनुभव करते हैं। प्रायः बच्चों के माता-पिता बच्चों की पढ़ाई पर ठीक से ध्यान न दे पाने के कारण माता-पिता मनोवैज्ञानिक अथवा ज्योतिषी से सम्पर्क करते हैं ताकि कोई उन्हें हल बता दे ताकि उनका बच्चा पढ़ाई में ध्यान केन्द्रित कर पाये तथा परीक्षा में अच्छे अंक अर्जित कर सके। फ्यूचर समाचार के इस विशेषांक में इसी विषय से सम्बन्धित अनेक महत्वपूर्ण लेखों को समाविष्ट किया गया है क्योंकि ज्योतिष ही एक मात्र माध्यम है जिसमें कि इस समस्या का समाधान है। इस विशेेषांक के अतिविशिष्ट लेखों में शामिल हैंः जन्मकुण्डली द्वारा विद्या प्राप्ति, ज्योतिष से करें शिक्षा क्षेत्र का चुनाव, शिक्षा विषय चयन में ज्योतिष की भूमिका, शिक्षा का महत्व एवं उच्च शिक्षा, विद्या प्राप्ति हेतु प्रार्थना, माता सरस्वती को प्रसन्न करें बसंत पंचमी पर्व पर आदि। इनके अतिरिक्त कुछ स्थायी स्तम्भ जैसे सत्य कथा, हैल्थ कैप्सूल, विचार गोष्ठी, मासिक भविष्यफल आदि भी समाविष्ट किये गये हैं।

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