अंकशास्त्र के अनुसार कैसा रहेगा जीवन साथी से आपका संबंध

अंकशास्त्र के अनुसार कैसा रहेगा जीवन साथी से आपका संबंध  

व्यूस : 27432 | सितम्बर 2008
अंकशास्त्र के अनुसार कैसा रहेगा जीवन साथी से आपका संबंध ? अंकगुरु प्रो. अशोक भाटिया वि वाह एवं प्रेम संबंध के रूप और मायने अब बदल चुके हैं। अब हम भौतिक मापदंडों के आधार पर संबंधों का चयन करते हैं। फलस्वरूप संबंधों में कटुता एवं विलगाव की घटनाएं अधिक हो रही हैं। कुछ संबंध सामाजिक बंधन या संस्कारों के कारण निभ तो रहे हैं पर मजबूरी में। कोर्ट-कचहरी में संबंध-विच्छेद के लिए भीड़ लगी हुई है। आज हम अपने में सुधार लाए बिना अपने जीवन साथी में सुधार लाना चाहते हैं। कुछ लोग जो चाहते हुए भी अपने में सुधार नहीं कर पाते, आपस में तालमेल नहीं बिठा पाते, उन्हें ज्योतिष शास्त्र का सहारा लेना चाहिए। लेकिन कई बार हम जन्म समय का ठीक ज्ञान नहीं होने के कारण ज्योतिष शास्त्र का मार्गदर्शन नहीं ले पाते हैं। ऐसे में हम अंकशास्त्र के सिद्धांतों के अनुसार मूलांक व भाग्यांक के आधार पर अपना वैवाहिक जीवन सुखी बना सकते हैं। अंकशास्त्र से जान सकते हैं कि आपके जीवन साथी या होने वाले जीवन साथी के मूलांक व भाग्यांक से आपके मूलांक या भाग्यांक की नैसर्गिक मैत्री है या नहीं। मूलांक का संबंध तन व मन से तथा भाग्यांक का भाग्य व धन से है। जब तन, मन व धन का संगम हो जाए तो वैवाहिक जीवन के सुखमय होने की संभावना बढ़ जाती है। जन्मतिथि के दिनांक, माह, वर्ष व शताब्दी के सभी अंक जब आपस में जोड़ दिए जाते हैं तो प्राप्त योगफल भाग्यांक कहलाता है। वहीं, केवल जन्मतिथि के अंक या अंकों का योगफल मूलांक कहलाता है। उदाहरण के लिए, किसी व्यक्ति की जन्मतिथि 25.12. 1982 है, तो उसका मूलांक उसकी जन्म तारीख के दोनों अंकों का योगफल उस व्यक्ति का भाग्यांक निकालने के लिए उसके जन्म की तारीख, मास और वर्ष का योग किया जाएगा जो इस प्रकार होगा- 2 $ 5 $ 1 $ 2 $ 1 $ 9 $ 8 $ 2 = 30 = 3 $ 0 = 3 मूलांक तालिका दिनांक मूलांक 1, 10, 19, 28 = 1 2, 11, 20, 29 = 2 3, 12, 21, 30 = 3 भाग्यांक निकालकर अपने जीवन साथी के मूलांक या भाग्यांक से तुलना करके जान सकते हैं कि उनमें नैसर्गिक मैत्री है या नहीं। तालिका में देखने से पता चलता है कि अंक 1, 5 व 8 का कोई भी अंक अतिमित्र नहीं है। अंक 6, 7 व 9 का कोई भी शत्रु अंक नहीं है। अंक 6 व 9 के अति मित्र अंकों की संख्या 5-5 है, पर जीवन साथी तो एक ही चुनना है। तो पांचों में से किस एक को अपना जीवन साथी चुनें? यहां विभिन्न मूलांकों की स्त्रियों और पुरुषों के स्वभाव गुण, दोष आदि का विश्लेषण प्रस्तुत है। इन विवरणों के आधार पर उपयुक्त जीवनसाथी का चयन कर सकते हैं। जिनकी शादी पहले हो चुकी है वे अपने व जीवनसाथी के मूलांक के आधार पर आपसी समन्वय बनाकर रखते हैं। विभिन्न मूलांकों वाली स्त्रियां मूलांक 1: मूलांक 1 वाली स्त्री विदुषी, सामाजिक, पति की अच्छी साथी, पति के व्यवसाय में रुचि रखनेवाली होती है। जो लोग चाहते हैं कि उनकी पत्नी उनके कार्य में रुचि रखे, साथ निभाए, उन्हें मूलांक 1 वाली कन्या से विवाह करना चाहिए। मूलांक 2: मूलांक 2 वाली स्त्री दयालु, मृदु स्वभाव व आकर्षक व्यक्तित्व वाली होती है। पति जो कुछ दे दे उसी में संतुष्ट रहने वाली होती है। ऐसी स्त्रियों के घर में सुख-साधनों की कमी नहीं रहती, इसलिए आलसी होने की संभावना रहती है। मूलांक 3: मूलांक 3 वाली स्त्री का परिवार पर अच्छा प्रभाव होता है। ऐसी स्त्रियां पति पर पूर्ण अधिकार रखती है तथा पति की उन्नति में सहायक होती हैं। इनका पति अगर व्यवसायी हो और इनके नाम पर व्यवसाय करे तो उन्नति होती है। मूलांक 4: मूलांक 4 वाली स्त्री उच्च शिक्षित, अपनी बात मनवाने वाली, बन-संवर कर रहनेवाली होती है। ऐसी स्त्री घर से बाहर खुश रहती है, किंतु वैवाहिक जीवन साधारण ही रहता है। मूलांक 5: मूलांक 5 वाली स्त्री व्यवहारकुशल और परिपक्व मस्तिष्क वाली, पारिवारिक समस्याओं से ऊपर उठकर विकास कार्यों में रुचि रखने वाली, पति व बच्चों की प्रगति में सहायक होती है। मूलांक 6: मूलांक 6 वाली स्त्री रूपवती व दयालु होती है। इसमें अच्छी पत्नी व अच्छी माता के सभी गुण होते हैं। ऐसी स्त्री घर को अच्छे ढंग से चलाने की क्षमता रखती है तथा समाज में प्रतिष्ठित व परिवार में सर्वेसर्वा होती है। मूलांक 7: अंक 7 वाली स्त्री पर्याप्त शिक्षित होने के बावजूद अच्छी आर्थिक स्थिति के लिए संघर्षमय रहती है। ऐसी स्त्रियों को अकेले रहना अच्छा लगता है। हर समय पति इनका ध्यान रखें, इनमें ऐसी चाहत हर समय बनी रहती है। मूलांक 8: मूलांक 8 वाली स्त्री नियम से चलने वाली, कर्मठ, पति व बच्चों के लिए कार्य करने वाली व बौद्धिक शक्ति की धनी होती है। परिवार व व्यवसाय के कार्यों में अच्छी सलाहकार होती है। मूलांक 9: मूलांक 9 वाली स्त्री प्रायः उन्मुक्त और मनमौजी होती है। कोई भी कार्य आरंभ करने से पहले इन्हें भरोसे में लेना चाहिए। ऐसी स्त्रियों का स्वभाव उग्र तो होता है, पर वे लापरवाह नहीं होती हैं। ये पति के कार्यों में पूरे मनोयोग से सहायता करती हैं। विभिन्न मूलांक वाले पुरुष मूलांक 1: मूलांक 1 वाले पुरुष गंभीर दयालु व महत्वाकांक्षी होते हैं। ये हमेशा यही चाहते हैं कि परिवार के सभी सदस्य इनकी बात मानें। ये चाहते हैं कि इनकी पत्नी का समाज में मान-सम्मान हों। इन्हें अपने घर से लगाव होता है और ये अधिक समय घर पर ही बिताना चाहते हैं। मूलांक 2: मूलांक 2 वाले पुरुष शांत स्वभाव के होते हैं। ये चाहते हैं कि उनकी पत्नी इनके कहे बिना ही सब कार्य कर दे। यह एक समझदार व शिष्ट पत्नी चाहते हैं। मूलांक 3: मूलांक 3 वाले पुरुष आत्मकेंद्रित व अध्यात्म में रुचि रखने वाले होते हैं। ऐसे ज्यादातर पुरुष अपने से ऊंचे घराने में विवाह करते हैं। ये पत्नी का पूरा ध्यान रखते हैं। मूलांक 4: मूलांक 4 वाले पुरुष दयालु व विद्रोही स्वभाव के होते हैं। ये सतत लोगों की कमियां निकालते रहते हैं जिसके कारण परिवार में अशांति बनी रहती है। ये चाहते हैं कि परिवार के सभी सदस्य इनके अनुसार चलें। मूलांक 5: मूलांक 5 वाले पुरुष हठधर्मी, किंतु व्यवहारकुशल व मितव्ययी होते हैं। ये चाहते हैं कि इनकी पत्नी बन-संवर कर रहंे। इन्हें अपने बच्चों से लगाव होता है। ये खुलकर खर्च करने वाले होते हैं। मूलांक 6: मूलांक 6 वाले पुरुष विलासी, ईमानदार व मधुर स्वभाव वाले होते हैं। ये चाहते हैं कि इनकी पत्नी ऐसी हो जिस पर ये गर्व कर सकंे। ये घर-परिवार का पूरा ध्यान रखते हैं। मूलांक 7: मूलांक 7 वाले पुरुष दार्शनिक, भावुक व पराविज्ञान का ज्ञान रखने वाले होते हैं। ये पत्नी की भावनाओं को समझते हंै और हर बात को आलोचनात्मक तरीके से देखते हैं। इस कारण परिवार में अशांति बनी रहती है। मूलांक 8: मूलांक 8 वाले पुरुष विश्वसनीय, न्यायप्रिय और एकांतप्रिय होते हैं। ऐसे अधिकतर पुरुष विवाह नहीं करना चाहते हंै। जो करते हैं, उन्हें रूढ़िवादी विचारों वाली पत्नी अच्छी लगती है। मूलांक 9: मूलांक 9 वाले पुरुष साहसी, स्वाभिमानी व आत्मविश्वासी होते हैं। इन्हें एक अच्छे घर की लालसा रहती है। अपने परिवार, पत्नी व बच्चों पर इन्हें गर्व होता है।

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अंक शास्त्र विशेषांक   सितम्बर 2008

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