क्रिस्टल गेजिंग - एक अद्भुत प्राचीन कला

क्रिस्टल गेजिंग - एक अद्भुत प्राचीन कला  

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क्रिस्टल गेजिंग और क्रिस्टालोमंेसी एक प्राचीन कला है। भविष्य में झाँकने की यह पद्धति सदियों से प्रचलित है। लेकिन इस पर एक प्रकार का काला बादल छाया रहता है। कुछ लोगों का यह मानना है की यह तंत्र विद्या अथवा जादूगरी का अंष है। यद्यपि ऐसा नहीं है। यह विद्या व्यक्ति के आज्ञा चक्र से सम्बंधित है और जिन सिद्ध लोगों का यह चक्र पूर्ण रूप से खुला होता है उनके अंदर यह शक्ति आ जाती है कि वे अतीन्द्रिय ज्ञान शक्ति से आगामी घटनाओं की पूर्व अनुभूति को महसूस कर सकते हैं।

क्रिस्टल गेजिंग से कई अपराध हल हुए हैं, खोई हुई वस्तुएं पुनः प्राप्त हुई हैं, भविष्य के राज सामने आये हैं व कुछ दुर्घटनाएं होने से रोकी गयी है। आईये जानंे कुछ और इस लुप्त होती अदभुत क्रिस्टल कला के बारे में:

क्रिस्टल गेजिंग के तरीके

इस कला को प्रैक्टिस करने के लिए अति संवेदनषील होना अत्यंत आवष्यक है। ध्यान लगाने की शक्ति एवं विद्या में पारंगत होना नितांत आवष्यक है। यह कला सब के लिए नहीं है और इसमें लिप्त होना, खोना पड़ता है यानि तन्मय होना एक तरह की सिद्धि है, ईष्वर का परम आषीर्वाद एवंम योग साधना का चमत्कार है।

एक उत्तम रीडिंग के लिए आवष्यक है।

  • उच्च स्तर की एकाग्रचित्तता।
  • आसपास के माहौल से एकदम विमुख हो जाने की क्षमता।
  • एक साफ सुथरी क्रिस्टल बॉल जिसपर कोई भी दाग या धब्बा न हो
  • यह क्रिस्टल बॉल अगर क्वाटर््ज की हो तो परिणाम जल्दी देखने को मिलते हैं
  • कमरे में किसी भी प्रकार का शोर या आवाज न हो जिससे रीडर का ध्यान भंग न हो
  • अँधेरे या बिलकुल हल्की रोषनी के कमरे में यह क्रिया की जानी चाहिए।

यह माहौल तैयार करके क्रिस्टल बॉल को काले कपड़े से ढक देना चाहिए जिससे उस पर किसी और वस्तु या चेहरे का प्रतिबिम्ब का प्रभाव न हो। जब आपकी साधना और एकाग्रता एकदम संपूर्ण होगी और आप पूरे ध्यान से क्रिस्टल बाल के अंदर अपनी दृष्टि जमाये होंगे सबसे पहले साफ बाॅल की सतह आपको धुंधली दिखेगी। ऐसा प्रतीत होगा जैसे एक दूधिया सा बादल आपकी आँखों के सामने तैर रहा है। धीरे- धीरे जैसे आपकी एकाग्रता और बढ़ेगी और आप उस परा संसार में डूबते चले जायेंगे। आप सही दिषा में अग्रसर हैं जब वह दूधिया बादल अपना रंग बदलना शुरू करेगा। पहले वह लाल रंग में तब्दील होगा, फिर वह हरियाली लिए दिखेगा और जब यह क्रिया सफलता की कगार पर होगी उसी क्षण वह बादल काला रंग ले लेगा।

इसी काले बादल के पीछे छुपा है आपका वह सच भविष्य का, जिसकी आप खोज में हैं। अब आपको बहुत ही सतर्क रहने की आवष्यकता है क्योंकि यह बादल क्षण भर में गायब हो जायेगा और इसके पीछे दिखेगा आपको बिलकुल साफ और स्वच्छ रूप में आपके प्रष्न का उत्तर। हो सकता है कि आकृतियां बहुत ही कम पलों के लिए आपके सामने आयंे। आपको दो चार क्षण में ही पूरा उत्तर ढूँढना है और उसका स्पष्टीकरण अपने प्रष्नवाचक को देना है।

इस क्रिया में आपको क्रिस्टल बॉल में अनेक प्रकार की आकृतियां दृष्टिगत हो सकती हैं। आपको व्यक्ति दिख सकते हैं या कुछ मकान या इम्मारतें या फिर कोई मंदिर या दरगाह। आपको जानवर या पषु पक्षी भी दिख सकते हैं। कुछ स्थितियों में आपको कोई सन्देष या सिंबल (चिह्न) भी दिख सकता है जिसका गूढ़ अर्थ हो। ऐसे स्थान या लोग जिन्हें आपने पहले कभी नहीं देखा भी दिख सकते हैं। रहस्य और रोमांच से भरपूर हैं यह यात्रा इन् छवियों का स्पष्टीकरण कठिन कार्य है और इनमे बहुत हद तक रीडर की कल्पना- शक्ति और परा शास्त्र का ज्ञान अपना पत्र निभाता है।

कुछ लोगों का मत है की यह खतरनाक क्रिया है परन्तु अगर सधे हुए ज्ञानी व्यक्ति की देख रेख में किया जाये तो यह अदभुत कला आष्चर्यजनक और सटीक परिणाम देने में सक्षम हैं।

इस क्रिया में पारंगत व्यक्ति को कुछ सालों के अभ्यास के बाद इसमें अभूतपूर्व आनंद की प्राप्ति होती है। कुछ नकली लोगों ने इस का उपहास बना के रख छोड़ा है लेकिन यह एक पवित्र और श्रेष्ठ परा विज्ञान है जिसमें लोगों को रूचि लेनी चाहिए जिससे यह एक व्यावहारिक स्थान पा सके।



राहु विशेषांक  जुलाई 2014

फ्यूचर समाचार पत्रिका के राहु विशेषांक में शिव भक्त राहु के प्राकट्य की कथा, राहु का गोचर फल, अशुभ फलदायी स्थिति, द्वादश भावों में राहु का फलित, राहु के विभिन्न ग्रहों के साथ युति तथा राहु द्वारा निर्मित योग, हाथों की रेखाओं में राजनीति एवं षडयंत्र कारक राहु के अध्ययन जैसे रोचक व ज्ञानवर्धक लेख सम्मिलित किये गये हैं इसके अलावा सत्यकथा फलित विचार, ग्रह सज्जा एवं वास्तु फेंगशुई, हाथ की महत्वपूर्ण रेखाएं, अध्यात्म/शाबर मंत्र, जात कर्म संस्कार, भागवत कथा, ग्रहों एवं दिशाओं से सम्बन्धित व्यवसाय, पिरामिड वास्तु और हैल्थ कैप्सूल, वास्तु परामर्श आदि लेख भी पत्रिका की शोभा बढ़ाते हैं।

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