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आयुष्मान खुराना

आयुष्मान खुराना  

शनि द्वितीय भाव में उच्चस्थ हैं। मंगल, स्वराशि में केतु के साथ तृतीय भाव में हैं। गुरु मूलत्रिकोण राशि में चतुर्थ स्थान पर हैं। राहु भी अपनी उच्च राशि वृष में भाग्य भाव में हैं। यों तो आयुष्मान, शुक्र की महादशा में बुध अंतर आते ही 2004 के दौरान, मीडिया में प्रवेश कर गए परंतु उनके कैरियर ने 2007 में ही एक रेडियो और टी. वी. जाॅकी के रूप में एकाएक उंचाई के कीर्तिमान स्थापित करने आरंभ कर दिए। जब सूर्य की महादशा में चंद्रमा का अंतर आया तो वे एक पायदान और चढ़ गए। उन दिनों इन्हें, कई टी. वीचैनलों पर शोज के अलावा ‘फुल्ली फाल्तू मूवीज़’ ‘चक्क दे इंडिया’, ‘जादतू इक बार’, जैसी मूवीज में काम के साथ-साथ कलर्स टीवी पर एंकरिंग का मौका मिल गया। इस अवधि में वे क्रिकेट की टी-20 की टीम के साथ भी संबद्ध रहे। जैसे ही 2012 में ग्यारहवें भाव, चंद्र की दशा आरंभ हुई, इनके जीवन में अचानक एक चमत्कार हुआ। चंद्रमा जैसी तीव्र गति से इनकी किस्मत का घोड़ा दौड़ा। निर्माता के रूप में जाॅन एब्राहम की पहली फिल्म ‘विक्की डोनर’ इनकी झोली में आ गिरी। अनूठी थीम, सहज अभिनय, कम बजट की इस व्यावसायिक फिल्म ने उम्मीद से अधिक बिजनेस किया। आयुष्मान के आय भाव के स्वामी चंद्रमा ने भी उनकी झोली अप्रत्याशित आय से न केवल भर दी अपितु उन्हें फिल्माकाश में एक सितारे की तरह चमका दिया। इस फिल्म में उनका रचित तथा गाया गीत’ पानी दा रंग..’ काफी लोकप्रिय रहा। इसके अलावा कई गाने लिखे और गाए भी। इस दशा ने उन्हें, बेस्ट मेल डेब्यु और फिल्म फेयर का अवार्ड भी दिला दिया। आईफा अवार्ड 2012 और स्क्रीन अवार्ड 2013 के कार्यक्रमों में वे एंकरिंग करते रहे। ‘नौटंकी साला’ और ‘हमारा बजाज’ में भी वे अभिनय कर चुके हैं। अगले वर्ष 2014 में, रिलाएंस बांबे फेयरीटेल टाइटल की एक फिल्म में वे एक भारतीय शख्स, जिसने जहाज बनाया था, उसके जीवन पर आधारित एक बायोपिक करने जा रहे हैं। यदि इनकी कुंडली का विश्लेषण करें तो, सूर्य द्वादश भाव में स्वराशि का होने से युद्ध और विवाह में विजय श्री प्रदान करता है। आयुष्मान एंकरिंग करते समय, वाद-विवाद में आगे रहते हैं। यह योग स्त्री सुख देता है अतः इस दशा में उन्हें उनके बचपन की मित्र ताहिरा, अर्धांगिनी के रूप में मिल गई।

विवाह विशेषांक  मार्च 2014

फ्यूचर समाचार पत्रिका के विवाह विशेषांक में सुखी वैवाहिक जीवन के ज्योतिषीय सूत्र, वैदिक विवाह संस्कार पद्धति, कुंडली मिलान का महत्व, विवाह के प्रकार, वर्तमान परिपेक्ष्य में कुंडली मिलान, तलाक क्यों, शादी के समय निर्धारण में सहायक योग, शनि व मंगल की वैवाहिक सुख में भूमिका, शादी में देरी: कारण-निवारण, दाम्पत्य जीवन सुखी बनाने के उपाय तथा कन्या विवाह का अचूक उपाय आदि विषयों पर विस्तृत जानकारी देने वाले आलेखों को सम्मिलित किया गया है।

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