रामप्रवेश मिश्र


(4 लेख)
ज्योतिष के आईने में दाम्पत्य सुख

अप्रैल 2005

व्यूस: 8206

सुखी वैवाहिक जीवन धरती पर स्वर्ग के सुख के समान है। यह जीवन सामान्यतः मनुष्य जीवन का सबसे अतंरंग और जीवंत भाग है। जीवन की आकांक्षा की पूर्ति बिना जीवन साथी के संभव नहीं है। इसलिए जीवन की चतुराश्रम व्यवस्था में गृहस्थाश्रम सर्वाधिक... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगविवाहभविष्यवाणी तकनीक

आयुष्य चिंतन

जनवरी 2005

व्यूस: 1537

शांति-अशांति और जीवन-मृत्यु एक सिक्के के दो पहलू हैं। जब आयु सीमा समाप्त होती है तब मृत्यु का दरवाजा खुल जाता है। मृत्यु चिंता का विषय नहीं है, क्योंकि ‘जातस्य ध्रुवं मृत्यु’ं गीता का प्रवचन है। इस भूतल पर मृत्यु ही एक सत्य है। फि... और पढ़ें

अध्यात्म, धर्म आदि

अनोखी अंजनी गुफा

आगस्त 2013

व्यूस: 1008

यह गुफा पहले बिहार के दक्षिणभाग में थी। बिहार के विभाजन के बाद अब झारखंड में गुमला जिले में रांची गुमला रोड पर टोटो नामक स्थान पर है।... और पढ़ें

स्थानविविध

क्या शनि स्थान वृद्धि करता है?

नवेम्बर 2006

व्यूस: 615

शनि उदासीनता, दुख, दर्द, विपŸिा एवं मृत्यु का कारक माना जाता है। ज्योतिर्विदों का कथन है कि भाव स्थित शनि भाव की वृद्धि करता है। किंतु उसकी दृष्टि भाव को दूषित जबकि गुरु की दृष्टि पुष्ट करती है, शुभ करती है।... और पढ़ें

ज्योतिषप्रसिद्ध लोगकुंडली व्याख्याभविष्यवाणी तकनीक

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