मुख्य पृष्ठ
आपके पत्र
 संपादकीय
ज्योतिषीय समाचार
ज्योतिषीय सामग्री
व्रत/पर्व
सामयिक चर्चा
आवरण कथा
ज्योतिषीय सॉफ्टवेयर
हस्तरेखा
विशेष
सत्य कथा
सितारों की कहानी
वास्तु विज्ञान
हेल्थ कैप्सूल
 विचार गोष्ठी
अध्यात्म
पावन स्थल
ज्ञान सरिता
समस्या समाधान
वास्तु परामर्श
वास्तु समाधान
टोटके
राशिफल
शेयर बाजार
ग्रह स्थिति व्यापार
पुस्तक समीक्षा
पंचांग
राहुकाल
ग्रह स्पष्ट
प्रश्न जन्मपत्री
मुफ्त उपहार

 

रुद्राक्ष जिज्ञासा और समाधान

रुद्राक्ष को सोमवार को प्रातः काल पहले कच्चे दूध से और फिर गंगाजल से धोकर व अष्टगंध लगाकर क्क नमः शिवाय मंत्र का जप कर धारण करना चाहिए।   ..   विस्तृत विवरण

मई 2010

रुद्राक्ष विशेषांक

 
मुख्य संपादक एवं प्रकाशक
अरुण कुमार बंसल
हमारे अन्य अंक

अंक

 वर्ष

हमारे अग्रिम अंक
जून
2010
जुलाई
2010
स्वप्न एवं शकुन विशेषांक अंक विशेषांक

क्या महिलाओं को आरक्षण देना चाहिए?
 (i)हां
 (ii) नहीं
 (iii)पता नहीं

  

 

कहां से और कैसे प्राप्त होता है रुद्राक्ष

रुद्राक्ष मूलतः एक जंगली फल है, इसकी पैदावार समुद्र तल से लगभग दो हजार मीटर तक की ऊंचाई वाले पर्वतीय व पठारी क्षेत्रों  में होती है। रुद्राक्ष के मूल फल को प्रयोग में लाने के लिए पानी में गलाकर साफ करना पड़ता है। इस आलेख में भारत और विदेशों में पाए जाने वाले रुद्राक्षों की जानकारी दी जा रही है .... विस्तृत विवरण

हर्निया आंत का उतरना

चिकित्सा ग्रंथों में तरह-तरह से आंत उतरने के बारे में लिखा गया है, जिनसे लोग अक्सर ग्रस्त हो जाते हैं। उदर गह्वर में अमाशय, आंत आदि विभिन्न अंग होते हैं और जो भोजन नली अमाशय से गुर्दें तक जाती है, वह कई स्थानों से जुड़ी हुई होती है तथा उसे उदर के ही पर्दे का सहारा रहता है।    विस्तृत विवरण

परीकथा
प्रत्येक बच्चा जन्म लेते ही अपना भाग्य अपने साथ लाता है। यह जरूरी नहीं कि धनवान व्यक्ति का बच्चा भी भाग्यशाली और धनवान ही बने। यदि ग्रह प्रतिकूल हों, तो संचित धन भी चुटकियों में उड़ जाता है, और वहीं यदि ग्रह अनुकूल हो, तो भाग्य से गरीब का बच्चा भी देश के सर्वोच्च शिखर पर पहुंच सकता है। यह तो बच्चे का अपना भाग्य है, जो कीचड़ में खिले गुलाब की तरह उसे गंदगी से निकाल कर किसी घर की शोभा बना सकता है।
,...     विस्तृत विवरण

ज्योतिष एवं आध्यात्मिक सामग्री
हमारे विश्वसनीय संस्थान फ्‌यूचर पॉइंट पर उपलब्ध ज्योतिषीय सामग्री  विस्तृत विवरण

अखिल भारतीय ज्योतिष संस्था संघ में वास्तु, ज्योतिष, अंकशास्त्र हस्तरेखा, शास्त्र सीखिये
 विस्तृत विवरण

फ्‌यूचर समाचार की 1 वर्ष, 2 वर्ष, 3 वर्ष एवं आजीवन सदस्यता हेतू अधिक जानकारी
 विस्तृत विवरण

-

हमसे जुड़ें

विज्ञापन दें

हमारे बारे में

 
फ्‌यूचर पॉइंट द्वारा सर्वाधिकार सुरक्षित।