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 (i)हां
 (ii) नहीं
 (iii)पता नहीं

  

 

समस्या समाधान

आभा बंसल, फ्रयूचर पॉइंट

समस्या समाधान

आभा बंसल, फ्यूचर पॉइंट

श्रीमती आभा बंसल ज्योतिष के क्षेत्र में एक जाना-माना  नाम है। इस प्राचीन विद्या की विभिन्न विधाओं में इनकी गहरी पहुंच है। इनके द्वारा बताए गए समाधान सहज होते हैं, जिन्हें उपयोग में लाने में किसी तरह की कठिनाई नहीं आती। समस्याग्रस्त हजारों लोग उनके बताए उपायों को अपना कर समस्या से मुक्ति पा चुके हैं। 

जिज्ञासुजन अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आवष्यक शुल्क जमा कर श्रीमती बंसल से फ्यूचर पॉइंट के निम्नलिखित पतों पर संपर्क कर सकते हैं। परामर्ष हेतु पूर्व सूचना देकर समय निर्धारित कर लेना आवष्यक है।

प्रश्नः   आर्थिक स्थिति कमजोर है। कब सुधरेगी? अपना घर कब बनेगा?

         राकेश वर्मा, अमृतसर

०१.१०.१९६८, ०७ः१५ सायं, अमृतसर

उत्तरः   पिछले ढाई वर्ष से आपकी गुरु में शुक्र की दशा के साथ शनि की ढैया भी चल रही थी, जिस कारण आपको मनोवांछित सफलता नहीं मिल सकी पर अब समय ठीक आ रहा है। मई के बाद आपका घर बनने के शुभ संकेत मिल रहे हैं। प्रयास करेंगे तो आपका व्यय घर खरीदने में हो सकता है। रविवार को तांबे में सवा पांच से सवा छह रत्ती का माणिक्य अनामिका में धारण करें। संभव हो, तो सवा पांच से सवा छह रत्ती का पुखराज भी धारण करें। प्रतिदिन सुबह सूर्य को जल चढ़ाएं और आदित्य स्तोत्र का पाठ करें।

प्रश्नः   सन्‌ २००३ से मेरा धन रुका हुआ है। क्या वर्ष २०१० में  मिल पाएगा?

         गंगा नारायण शर्मा, कानपुर

०५.११.१९६२, ०८ः४५ रात्रि, कानपुर

उत्तरः   दिसंबर २००९ से ग्रह आपके अनुकूल हो गए हैं जो पिछले ३ साल से प्रतिकूल थे। वर्तमान समय में शनि में केतु की दशा चल रही है। केतु अष्टमस्थ होने के कारण रुके हुए धन की प्राप्ति का संकेत देता है।  शनि के निम्नोक्त मंत्र का जप नियमित रूप से करें। साथ ही साढ़े छह रत्ती का पन्ना सोने की अंगूठी में बुधवार की प्रातः कनिष्ठिका में धारण करें। मई २०१० तक आपका रुका हुआ धन मिलने की संभावना है।

मंत्र : ¬ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः

प्रश्नः   मैं कई वर्षों से बेरोजगार हूं एवं गरीबी में जीवन व्यतीत कर रहा हूं। इन सबका कारण एवं उचित उपाय बताने का कष्ट करें।

         लोकेश, दिल्ली
१८.१०.१९७९, ०४ः४५ प्रातः, दिल्ली

उत्तरः आपके लग्नेश बुध पर द्वादशस्थ शनि की तीसरी और अकारक मंगल की चौथी दृष्टि पड़ रही है जिसके कारण आपको संघर्ष करना पड़ रहा है तथा जीवन गरीबी में गुजर रहा है। मंगल का दान और शनि के निम्नलिखित मंत्र का जप करें। इसके अतिरिक्त  सवा छह रत्ती का पन्ना सोने की अंगूठी में बुधवार की प्रातः सीधे हाथ की कनिष्ठिका में धारण करें और मसूर की सवा किलो दाल मंदिर में दान दें।

 मंत्र- ¬ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः

प्रश्नः   विवाह कब होगा एवं वैवाहिक जीवन कैसा रहेगा ? शीघ्र विवाह और सुखमय वैवाहिक जीवन का कोई उपाय बताएं।

         महेश कुमार जैन, कोलकाता
१२.१२.१९७६, १६ः३०, कोलकाता

उत्तरः आपकी कुंडली के अनुसार मई २०११ के पूर्वार्द्ध में विवाह होने की संभावना है। आपको 1 कैरेट का हीरा प्लैटिनम धातु में शुक्रवार की सुबह सीधे हाथ की अनामिका में धारण करें और मंगल के निम्नोक्त मंत्र का नियमित रूप से जप करें। विवाह के लिए अपने शहर या उसके नजदीकी शहर अथवा गांव में ही वधू की तलाश करें।

मंत्र : ¬ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः

प्रश्नः   मेरी आर्थिक स्थिति कब ठीक होगी ?

            अनिल कुमार जैन, दिल्ली
      १३.१०.१९४५, १५ः३०, मुंबई

उत्तरः आपकी जन्म राशि धनु है। शनि चंद्र से दशम एवं लग्न से भाग्यस्थान में गोचर कर रहा है, जो आपके लिए अनुकूल है। गुरु चंद्र से तृतीय एवं लग्न कुंडली में धन भाव से गोचर कर रहा है। मई २०१० के बाद गुरु चंद्र से केंद्र में आ जाएगा तथा शनि यथावत रहेगा। वर्तमान समय में गुरु में भाग्येश की दशा चल रही है, अतः मई २०१० के बाद आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। आपको साढ़े छह रत्ती का नीलम सोने या पंचधातु में शनिवार की शाम सीधे हाथ की मध्यमा में धारण करना चाहिए।

प्रश्नः   मेरी आर्थिक स्थिति में सुधार कब होगा?ं कर्ज से मुक्ति कब मिलेगी? आर्थिक स्थिति में सुधार और कर्ज से शीघ्र मुक्ति का कोई उपाय बताएं।

         स्कंद कुमार, नालंदा
०१.०९.१९५८, २०ः०५, नालंदा

उत्तरःआपकी जन्म राशि एवं जन्म लग्न मीन है। गुरु का गोचर चंद्र से द्वादश है एवं शनि का गोचर सप्तम भाव से हो रहा है। मई २०१० के बाद गुरु आपके लिए अनुकूल होगा। वर्तमान समय में चंद्र में शुक्र की अंतर्दशा चल रही है। फरवरी २०११ के पश्चात  भाग्येश एवं द्वितीयेश मंगल की दशा प्रारंभ हो जाएगी अतः फरवरी २०११ के बाद आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। शुक्र के निम्नलिखित मंत्र का जप करें और गुरुवार की प्रातः सोने की अंगूठी में पुखराज तर्जनी में धारण करें।

शुक्र का मंत्र : ¬ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः

प्रश्नः पति का स्वभाव क्रोधी और वैवाहिक जीवन कलहपूर्ण है। सुखी वैवाहिक जीवन हेतु उपाय बताएं।

         डॉ. अनिता जैन, बूंदी (राजस्थान)
२४.०७.१९७४, १९ः१५, झालावाड़

उत्तरः आपकी जन्म राशि कन्या एवं लग्न मकर है। सप्तम भाव में अष्टमेश एवं विरक्तिकारक ग्रह सूर्य स्थित है। आप मंगली भी हैं। विवाह का कारक शुक्र छठे भाव में शनि के साथ स्थित है। इस प्रकार सप्तम भाव पाप कर्तरी योग में दूषित है, जिसके फलस्वरूप आपका वैवाहिक जीवन कलहपूर्ण है। प्रतिदिन प्रातःकाल स्नानादि के पश्चात तांबे के पात्र से सूर्य को जल दें एवं साढ़े सात रत्ती का जरकन चांदी की अंगूठी में शुक्रवार की प्रातः सीधे हाथ की अनामिका में धारण करें।

प्रश्नः भविष्य कैसा रहेगा? सुखद भविष्य हेतु कोई उपाय बताएं।

डॉ. जयदीप गुप्ता, रामपुर

१४.१२.१९६९, ०६ः३० प्रातः, बिलासपुर

उत्तरः आपकी कुंडली के अनुसार भाग्येश शनि आय स्थान में है और सप्तम भावस्थ बुध की लग्न पर दृष्टि है। गुरु पंचम भाव त्रिकोण में स्थित है और चंद्र पक्षबली है। इन ग्रह योगों के फलस्वरूप आपका भाग्य उन्नत है। भाग्य वृद्धि हेतु शनि के मंत्र का १९००० जप किसी योग्य पंडित से कराएं। यथासंभव हरे वस्त्र धारण करें।  साथ ही सोने की अंगूठी में साढ़े सात रत्ती का पन्ना बुधवार की प्रातः सीधे हाथ की कनिष्ठिका में धारण करें।

प्रश्नः  जीवन में स्वर्णिम काल कब आएगा? भविष्य को उत्तम बनाने के लिए यथोचित उपाय बताएं।

दिनेश, कानपुर

    २८.०९.१९७०, १५ः१०, देहरादून

उत्तर :आपकी कुंडली में अष्टमेश सूर्य भाग्य स्थान में और भाग्येश बुध अपने से द्वादश स्थान अष्टम भाव में स्थित है। लग्नेश शनि चतुर्थ भाव में नीच राशि में स्थित है। चंद्र केतु के साथ अष्टम में स्थित है। इन योगों के फलस्वरूप कुंडली में भाग्य की स्थिति कमजोर है। परंतु योगकारक शुक्र दशम भाव में स्वराशि का होकर स्थित है, इसलिए आपको जीवन में सभी सुख समृद्धि प्राप्त होगी एवं अनार्जित धन की प्राप्ति होगी। राहु में बुध की दशा मई २०१८ में आएगी और उस समय आपको अकस्मात अनार्जित धन की प्राप्ति होगी। सुखी जीवन हेतु  शुक्रवार की प्रातः साढ़े सात रत्ती का जरकन चांदी की अंगूठी में सीधे हाथ की अनामिका में  धारण करें।

प्रश्नः  मेरा स्थानांतरण वांछित स्थान पर कब होगा? अच्छे कैरियर हेतु उचित उपाय बताएं।

श्रीमती रश्मि, किओन्झर

२७.०८.१९७१, ०६ः०० प्रातः, आगरा

उत्तरः वर्तमान समय में द्वितीय भाव पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है। आपका लग्न सिंह है और शनि में गुरु की अंतर्दशा चल रही है, जो नवंबर २०११ तक रहेगी। एकादशेश बुध की दशा में आपकी इच्छा के अनुरूप स्थानांतरण होने की संभावना है, जिसका योग २०१२ के पूर्वार्द्ध में बनता है। अच्छे कैरियर हेतु साढ़े सात रत्ती का मूंगा तांबे की अंगूठी में मंगलवार की प्रातः अनामिका में धारण करें और शनि के निम्नलिखित मंत्र का यथासंभव जप करें।

मंत्र : ¬ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः