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वास्तु परामर्श

उत्तर दिशा का गार्ड रूम आय में बाधक होता है

पं. गोपाल शर्मा

पिछले हफ्ते एक बैंक्विट हॉल का निरीक्षण किया गया। उसके स्वामी ने बताया कि निर्माण कार्य बहुत समय लगा है और हर काम में बाधाएं आती रही हैं। जब से बनाना शुरू किया है, काफी आर्थिक समस्याएं भी आई हैं और अब इसके बनने के बाद भी पैसों की तंगी है। ऑर्डर बुकिंग के लिए लोग पूछताछ करते हैं पर अंतिम समय में बात आगे नहीं बढ़ती।

वास्तु निरीक्षण करने पर निम्नलिखित दोष पाए गए :

    प्लॉट का मुख उत्तर-पूर्व की ओर था और मुख्य प्रवेश द्वार भी उत्तर-पूर्व में था, जो सुख-समृद्धि एवं विकास का सूचक है। परंतु उत्तर के कोने में गार्ड रूम था, जिससे वह कोना बंद था। यह एक गंभीर दोष है जिसके फलस्वरूप पैसे आते-आते रह जाते हैं।

    पूर्व एवं दक्षिण पूर्व में पीपल का पेड़ था, जिसकी टहनियां बिल्डिंग तक पहुंचती थीं, एवं उनकी छाया भी बिल्डिंग एवं प्लॉट दोनों पर पड़ रही थी। यह दोष भी आय में बाधक होता है।

    दक्षिण-पश्चिम में भी एक द्वार था। इस दोष के फलस्वरूप हर काम में आवश्यकता से अधिक समय लगता है और बाधाएं आती हैं।

    प्लॉट पिछला भाग दक्षिण-पश्चिम में था, जो ढका हुआ था और बिल्डिंग से जुड़ा हुआ था। इससे दक्षिण-पश्चिम नीचा एवं हल्का हो गया था। यह भी आर्थिक तंगी, स्वास्थ्य हानि, अनचाहे खर्च एवं मानसिक तनाव का कारक होता है।

    बिल्डिंग के भूतल का दक्षिण कोना कटा हुआ था।

    सीढ़ियों के नीचे का हिस्सा बंद था, उसे स्टोर बनाया हुआ था। सीढ़ियां विकास की कारक मानी जाती हैं और उनके नीचे से बंद होने से विकास में बाधा आती है।

सुझाव :

    उत्तर के कोने में बने गार्ड रूम को हटाने को कहा गया और आवश्यक हो तो अलग से लकड़ी या पीवीसी का बना बनाया कमरा दीवार से हटाकर लगाने को कहा गया।

    पीपल के पेड़ की टहनियां कटवाने को कहा गया जो बिल्डिंग एवं प्लॉट पर आ रही थीं। उसकी छाया की नकरात्मकता को कम करने के लिए एक बड़ा उन्नतोदर दर्पण उसकी सामने वाली दीवार पर लगाने को कहा गया।

 दक्षिण-पश्चिम में बने द्वार को तुरन्त बंद करने की सलाह दी गई।

 दक्षिण-पश्चिम के छत के हिस्से को बिल्डिंग से अलग करके कवर करने को कहा गया।

 भूतल में पश्चिम के हिस्से में दीवार खड़ी करने को कहा गया जिससे दक्षिण का बढ़ा हुआ हिस्सा ठीक हो सके एवं भूतल आयताकार हो सके। पश्चिम की तरफ भी दरवाजा था, जिससे दीवार बनाने के बाद पीछे का कमरा इस्तेमाल किया जा सकता था।

    सीढ़ियों के नीचे बने बंद स्टोर को खोलने को कहा गया एवं हल्का सामान रखने की सलाह दी गई क्योंकि वे सीढ़ियां उत्तर में बनी थीं। उत्तर में सीढ़ी होने से भी आय के बाधित होने की संभावना बनी रहती है एवं पूंजी निवेश का समय पर पूरा लाभ नहीं मिलता। परंतु पश्चिम में भी सीढ़ियां बनी थीं, जो इस भार का असर कुछ कम करती हैं।

बैंक्विट हॉल के स्वामी को वास्तु के अनुकूल उक्त सुझावों को जल्द से जल्द कार्यान्वित करने को कहा गया ताकि उनकी समस्याएं यथासंभव दूर हो सकें।

 
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