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  ग्रह स्थिति 

शेयर बाजार : तेजी मंदी 
  ग्रह स्थिति दिसंबर शेयर बाजार : तेजी मंदी दिसंबर

ग्रह स्थिति एवं व्यापार 

डॉ. जगदंबा प्रसाद गौड़

दिसंबर मास में गोचर ग्रह परिवर्तन

इस मास ग्रहों का राशि परिवर्तन इस प्रकार होगा।

सूर्य 16 दिसंबर को 01 बजकर 52 मिनट पर धनु राशि में प्रवेश करेगा। मंगल 20 दिसंबर को सायं 06 बजकर 57 मिनट पर वक्री गति में आएगा। बुध 01 दिसंबर को रात्रि 10 बजकर 03 मिनट पर धनु राशि में प्रवेश करेगा, 26 दिसंबर को रात्रि 08 बजकर 08 मिनट पर वक्री गति में आएगा तथा 29 दिसंबर को रात्रि 08 बजकर 30 मिनट पर अस्त होगा। गुरु 20 दिसंबर को 00 बजकर 15 मिनट पर कुंभ राशि में आएगा। शुक्र 17 दिसंबर को प्रातः 09 बजकर 28 मिनट पर अस्त होगा तथा 21 दिसंबर को प्रातः 05 बजकर 23 मिनट पर धनु राशि में प्रवेश करेगा। नेप्च्यून 08 दिसंबर को 2 बजकर 06 मिनट पर कुंभ राशि में आएगा। यूरेनस 02 दिसंबर को 02 बजे मार्गी गति में आएगा। शेष ग्रह शनि, राहु, केतु की स्थिति पूर्ववत ही रहेगी।

गोचर फल विचार

मासारंभ में 01 दिसंबर को मंगलवार है और इस मास पांच मंगलवार आएंगे। परिणामस्वरूप उथल-पुथल एवं समाजिक सम्प्रदायिक घटनाओं में वृद्धि हो सकती है। प्राकृतिक प्रकोपों, अग्निकांड, वायुयान दुर्घटनाओं आदि की संभावना प्रबल है, जिसके फलस्वरूप जन धन की हानि होगी। सीमाओं पर पुनः युद्ध की स्थिति पैदा हो सकती है। किसी देश में सत्ता परिवर्तन या किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति का निधन भी हो सकता है। ÷÷यत्र मासे महीसूने जायन्ते पंचवासराः। रक्तेन पूरिता पृथ्वी छात्र भंगस्तदा भवेत।''

परंतु, इस मास पांच बुधवारों का आना ऊपरवर्णित फलों में न्यूनता लाएगा। यह स्थिति भारत के वर्चस्व में वृद्धि की परिचायक है। वहीं बुद्धिजीवियों की प्रतिष्ठा और चल रहे बौद्धिक कार्यों में भी विशेष वृद्धि होगी। नए-नए चल रहे आविष्कार और अनुसंधान सफल होंगे। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में वृद्धि होगी।  ÷÷बुधस्य पंचवाराश्चेऽयते च निरन्तरम प्रजानां सुखमत्यन्तं सुभिक्षं च प्रजायते।''

इस मास पांच बृहस्पतिवार भी आएंगे। यह योग पश्चिमी एवं यवन देशों के लिए नेष्ट फलदायक होगा। प्राकृतिक प्रकोपों से जन धन की हानि होगी। यह योग जनमानस के लिए रोग और शोक का कारक भी बनेगा। इसके फलस्वरूप पश्चिमी देशों में कहीं आपसी युद्धमय वातावरण की स्थिति उत्पन्न होगी। ÷÷यत्र मासे पंचवाराः जायन्ते च बृहस्पतेः । विग्रह पश्चिमे देशे खड्ग युद्धं च जायते।' मासारंभ वाले दिन ही बुध का धनु राशि में प्रवेश कर राहु से राशि संबंध बनाना और मंगल से षडाष्टक योग में आ जाना व्यापारी वर्ग के लोगों के लिए कष्टकारक होगा और व्यापार में संकट की स्थितियां पैदा करेगा। राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण व्यापारियों को संकटमय स्थितियों का सामना करना पड़ेगा।  यह योग पश्चिमी एवं यवन देशों में परस्पर युद्ध का संकेत भी देता है। मंगल एवं गुरु का समसप्तक योग में होना भी इन देशों में परस्पर एवं आंतरिक कलह से संकटमय स्थिति उत्पन्न करेगा। यह योग पूर्व से चल रहे अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी दुष्प्रभाव डालेगा। 08 दिसंबर को नेप्च्यून ग्रह का कुंभ राशि में आकर मंगल से षडाष्टक योग बनाना नए आविष्कारों में सफलता का सूचक है, लेकिन इस योग के फलस्वरूप अग्निकांड, सीमा उल्लंघन आदि की घटनाएं होंगी जिनके फलस्वरूप जनमानस को पीड़ा का सामना करना पड़ेगा। 16 दिसंबर को सूर्य का राहु और बुध के साथ संबंध बनाना कहीं नाटकीय ढंग से राजनीति के क्षेत्र में उथल-पुथल व सत्ता परिवर्तन का कारक बन सकता है । 20 दिसंबर को मंगल का वक्री गति में आकर सूर्य, बुध व राहु से षडाष्टक योग में आना प्राकृतिक प्रकोप या यान दुर्घटना से जनधन की हानि का संकेत देता है। 26 दिसंबर को बुध का वक्री होना चल रहे अंतरराष्ट्रीय व्यापार की स्थिति में सुधार लाएगा और अंतरराष्ट्रीय व्यापारों पर चल रही पाबंदियां दूर होंगी। 

सोना और चांदी : मासारंभ में 01 दिसंबर को बुध का धनु राशि में प्रवेश कर राहु के साथ राशि संबंध बनाना तथा मूला नक्षत्र में प्रवेश कर पुनर्वसु नक्षत्र को वेधना सोने व चांदी में उतार-चढ़ाव के साथ बाजार की तेजी की लहर पैदा करेगा। 02 दिसंबर को यूरेनस का मार्गी गति में आना बाजारों की तेजी को बनाए रखेगा। इसी दिन सूर्य का ज्येष्ठा नक्षत्र में आकर अश्विनी, पुष्य व स्वाति नक्षत्रों को वेधना सोने तेजी की लहर को बढ़ाएगा। 08 दिसंबर को मेदिनीय ग्रह नेप्च्यून का कुंभ राशि में यूरेनस के साथ राशि संबंध बनाना तथा मंगल से दोनों का दृष्टित होना बाजार के पूर्व के रुख में और वृद्धि करेगा। किंतु १० दिसंबर को बुध का पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में आकर आर्द्रा को वेधना सोने को्‌ मंदे की लहर में ले जाएगा। इसी दिन शुक्र का ज्येष्ठा नक्षत्र में आकर अश्विनी नक्षत्र को वेधना चांदी में भी मंदे का रुख पैदा करेगा। 16 दिसंबर को सूर्य का धनु राशि में प्रवेश कर बुध व राहु से राशि संबंध बनाना तथा मूला नक्षत्र में आकर पुनर्वसु, चित्रा व रेवती नक्षत्रों को वेधना और पौष मास की संक्रांति का 15 मुहूर्ती में आना ये सभी योग बाजार के मंदे की लहर में वृद्धि करेंगे। 17 दिसंबर को शनि का हस्त नक्षत्र में प्रवेश कर उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र को वेधना चांदी में थोड़ा उतार-चढ़ाव तो लाएगा लेकिन मंदे की स्थिति बनी रहेगी। 18 दिसंबर शुक्रवार को चंद्र दर्शन का 30 मुहूर्ती में आना चांदी के मंदे को और बढ़ाएगा। 20 दिसंबर को गुरु का कुंभ राशि में प्रवेश करना व इसी दिन मंगल का वक्री गति में आकर गुरु से षडाष्टक योग बनाना बाजार को तेजी के वातावरण में ले जाएगा। 21 दिसंबर को शुक्र का मूला नक्षत्र में प्रवेश कर रेवती नक्षत्र को वेधना चांदी में तेजी बनाए रखेगा। 23 दिसंबर को बुध का उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में आकर मृगशिरा नक्षत्र को वेधना बाजार की पूर्व स्थिति में और वृद्धि करेगा। 26 दिसंबर को बुध का वक्री गति में आना बाजार में पुनः बदलाव लाएगा। 29 दिसंबर को सूर्य का पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में आकर आर्द्रा, हस्त व उत्तरा भाद्रपद नक्षत्रों को वेधना बाजारों को तेजी के रुख में ही रखेगा। किंतु इसी दिन वक्री गति के बुध का पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में आकर शनि स्थित हस्त नक्षत्र को वेधना बाजारों को पुनः मंदे के वातावरण में ले जाएगा। 31 दिसंबर को शुक्र का पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में आकर उत्तराभाद्रपद नक्षत्र को वेधना बाजारों में मंदे की लहर को और बढ़ाएगा।

गुड़ व खांड

मासारंभ वाले दिन 01 दिसंबर को बुध का धनु राशि में प्रवेश कर राहु के साथ संबंध बनाकर मंगल से षडाष्टक योग में आना व मूल नक्षत्र में प्रवेश कर पुनर्वसु नक्षत्र को वेधना गुड़ व खांड में तेजी का सूचक है। 02 दिसंबर को सूर्य का ज्येष्ठा नक्षत्र में आकर अश्विनी, पुष्य व स्वाति नक्षत्रों को वेधना बाजारों की तेजी की लहर को और आगे ले जाने में सहायक होगा। 08 दिसंबर को मेदिनीय ग्रह यूरेनस का कुंभ राशि में मेदिनीय ग्रह नेप्च्यून से राशि संबंध बनाना व इनका मंगल से दृष्टित होना ये योग रसकर, गुड़ व खांड में तेजी बनाए रखेंगे। किंतु 10 दिसंबर को बुध का पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में आकर आर्द्रा नक्षत्र को वेधना गुड़ में मंदे का संकेत देता है। इसी दिन शुक्र का भी ज्येष्ठा नक्षत्र में आकर अश्विनी नक्षत्र को वेधना खांड में भी मंदे का माहौल पैदा करेगा। 16 दिसंबर को सूर्य का धनु राशि में प्रवेश कर बुध व राहु से राशि संबंध बनाना व मूला में प्रवेश कर पुनर्वसु, चित्रा व रेवती नक्षत्रों को वेधना और पौष मास की संक्रांति का 15 मुहूर्ती में आना ये सभी योग बाजार में मंदे की लहर को बनाए रखेंगे। इस समय बाजार पर सत्ता प्रभाव अधिक रहेगा। 17 दिसंबर को शनि का हस्त नक्षत्र में प्रवेश कर उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र को वेधना रसकर व इस बाजार में पूर्व से चल रही मंदे की लहर को और आगे ले जाने में पूर्वोक्त योग के साथ सहायक होगा। 18 दिसंबर शुक्रवार को चंद्र दर्शन का 30 मुहूर्ती में आना बाजार में मंदे का रुख बनाए रखेगा। 20 दिसंबर को गुरु का कुंभ राशि में प्रवेश करना और इसी दिन मंगल का वक्री गति में आकर गुरु से षडाष्टक योग बनाना गुड़ के बाजार को तेजी के माहौल में ले जाएगा। 21 दिसंबर को शुक्र का मूला में प्रवेश कर रेवती नक्षत्र को वेधना खांड को भी तेजी के रूख में ले जाएगा। 23 दिसंबर को बुध का उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश कर मृगशिरा नक्षत्र को वेधना बाजार की तेजी को और बढ़ाएगा। 26 दिसंबर को बुध का वक्री गति में आना भी बाजार में तेजी का ही सूचक है। 29 दिसंबर को सूर्य का पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में आकर आर्द्रा, हस्त व उत्तराभाद्रपद नक्षत्रों को वेधना बाजारों की तेजी में वृद्धि करेगा। बुध का भी पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में आकर शनि स्थित हस्त नक्षत्र को वेधना गुड़ व खांड में तेजी ही दर्शाता है। 31 दिसंबर को शुक्र का पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में आकर उत्तराभाद्रपद नक्षत्र को वेधना खांड के बाजार में कुछ बदलाव लाकर मंदे का रुख पैदा करेगा।

अनाज व दालवान

मासारंभ में 01 दिसंबर को बुध का धनु राशि में आकर राहु के साथ राशि संबंध बनाना व मंगल से षडाष्टक योग में आना तथा मूला नक्षत्र में प्रवेश कर पुनर्वसु नक्षत्र को वेधना गेहूं, जौ, ज्वार, बाजरा इत्यादि अनाजवान तथा मूंग, मौठ, मसूर, अरहर इत्यादि दालवान में मंदे का संकेत देता है। 02 दिसंबर को सूर्य का ज्येष्ठा नक्षत्र में आकर अश्विनी, पुष्य व स्वाति नक्षत्रों को वेधना अनाजों में तेजी उत्पन्न करेगा। 08 दिसंबर को मेदिनीय ग्रह नेप्च्यून का कुंभ राशि में प्रवेश कर मेदिनीय ग्रह यूरेनस के साथ राशि संबंध बनाना बाजारों में तेजी का वातावरण बनाए रखेगा। 10 दिसंबर को बुध का पूर्वाषाढ़ा में आकर आर्द्रा को वेधना अनाजों को मंदे के माहौल में ले जाएगा। इसी दिन शुक्र का ज्येष्ठा नक्षत्र में आकर अश्विनी नक्षत्र को वेधना दालवान में भी मंदे का संकेत देता है। 16 दिसंबर को सूर्य का धनु राशि में प्रवेश कर बुध व राहु से राशि संबंध बनाना तथा मंगल से षडाष्टक योग बनाना और मूला नक्षत्र में आकर पुनर्वसु, चित्रा व रेवती नक्षत्रों को वेधना तथा पौष मास की संक्रांति का 15 मुहूर्ती में आना ये सारे योग दोनों जिंसों में मंदे का माहौल बनाए रखेंगे। 17 दिसंबर को शनि का हस्त नक्षत्र में प्रवेश कर उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र को वेधना गेहूं, जौ, चना, ज्वार इत्यादि अनाजों को उतार-चढ़ाव के साथ मंदे के माहौल में बनाए रखेगा, लेकिन मूंग, मौठ, मसूर इत्यादि दालवान को पुनः तेजी की लहर में ले जाएगा। 18 दिसंबर को चंद्र दर्शन का शुक्रवार के दिन 30 मुहूर्ती में आना अनाज व दालवान में तेजी का ही संकेत देता है। 20 दिसंबर को गुरु का कुंभ राशि में प्रवेश करना व इसी दिन मंगल का वक्री गति में आकर गुरु से षडाष्टक योग बनाना अनाजों को तेजी में ही रखेगा, लेकिन दालवान को मंदे की लहर में ले जाएगा। 21 दिसंबर को शुक्र का मूला नक्षत्र में प्रवेश कर रेवती नक्षत्र को वेधना अनाजवान में तेजी बनाए रखेगा। 23 दिसंबर को बुध का उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में आकर मृगशिरा नक्षत्र को वेधना गेहूं, जौ, चना इत्यादि अनाजवान को पुनः मंदे में ले जाएगा। यह योग दालवान में भी मंदे का माहौल बनाए रखेगा। 26 दिसंबर को बुध का वक्री गति में आना बाजारों में मंदे का ही संकेत देता है। 29 दिसंबर को सूर्य का पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में आकर आर्द्रा, हस्त व उत्तराभाद्रपद नक्षत्रों को वेधना बाजारों के मंदे को और आगे बढ़ाएगा। इसी दिन बुध का भी पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में आकर शनि स्थित हस्त नक्षत्र को वेधना बाजार में मंदे का ही सूचक है। 31 दिसंबर को शुक्र का पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में आकर उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र को वेधना अनाज व दालवान में मंदे की लहर को बनाए रखेगा।

घी व तेलवान

मासारंभ में 01 दिसंबर को बुध का धनु राशि में प्रवेश कर राहु से राशि संबंध बनाना, मंगल से षडाष्टक योग में आना तथा मूला नक्षत्र में प्रवेश कर पुनर्वसु नक्षत्र को वेधना घी, तेल व तेलवान के बाजार में तेजी का वातावरण उत्पन्न करेगा। 02 दिसंबर को यूरेनस का मार्गी गति में आना तेलों की तेजी को और आगे ले जाएगा। इसी दिन सूर्य का ज्येष्ठा नक्षत्र में आकर अश्विनी, पुष्य व स्वाति नक्षत्रों को वेधना तेल व तेलवानों की तेजी को और आगे बढ़ाएगा। 08 दिसंबर को मेदिनीय ग्रह नेप्च्यून का कुंभ राशि में प्रवेश कर मेदिनीय ग्रह यूरेनस से राशि संबंध बनाना तेलों में  तेजी बनाए रखेगा। 10 दिसंबर को बुध का पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में आकर आर्द्रा नक्षत्र को वेधना तेलों के बाजार में मंदे का रुख पैदा करेगा। इसी दिन शुक्र का ज्येष्ठा नक्षत्र में आकर अश्विनी नक्षत्र को वेधना घी के बाजार को भी मंदे की लहर में ले जाएगा। 16 दिसंबर को सूर्य का धनु राशि में प्रवेश कर बुध व राहु से राशि संबंध बनाना, मंगल से षडाष्टक में योग आना तथा मूला नक्षत्र में प्रवेश कर पुनर्वसु, चित्रा व रेवती नक्षत्रों को वेधना तथा पौष मास की संक्रांति का 15 मुहूर्ती में आना ये योग घी व तेलवान को पूर्ववत मंदे की लहर में रखेंगे। किंतु 17 दिसंबर को शनि का हस्त नक्षत्र में प्रवेश कर पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र को वेधना तेलों को पुनः तेजी के रुख में ले जाएगा। 18 दिसंबर शुक्रवार को चंद्र दर्शन का 30 मुहूर्ती में आना घी के बाजार में मंदे का ही सूचक है। 20 दिसंबर को गुरु का कुंभ राशि में प्रवेश करना तथा इसी दिन मंगल का वक्री गति में आना घी तथा तेलों के बाजार में मंदे का संकेत देता है। 21 दिसंबर को शुक्र का मूला नक्षत्र में प्रवेश कर रेवती नक्षत्र को वेधना तेलों में मंदे का ही सूचक है। 23 दिसंबर को बुध का उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में आकर मृगशिरा नक्षत्र को वेधना घी में कुछ बदलाव लाएगा। 26 दिसंबर को बुध का का वक्री गति में आना तेलों को भी तेजी के माहौल में ले जाएगा। 29 दिसंबर को सूर्य का पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में आकर शनि स्थित हस्त नक्षत्र को वेधना बाजार में तेजी बनाए रखेगा। 31 दिसंबर को शुक्र का पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में आकर उत्तराभाद्रपद नक्षत्र को वेधना घी व तेल के बाजार में पुनः मंदे का वातावरण उत्पन्न करेगा।  

     

नोट : उपर्युक्त फलादेश पूरी तरह ग्रह स्थिति पर आधारित है। पाठकों का बेहतर मार्गदर्शन ही इसका मुख्य उद्देश्य है। कोई निर्णय लेने से पहले निवेशक को उन अन्य संभावित कारणों पर भी ध्यान देना चाहिए, जो बाजार को प्रभावित करते हैं। कृपया याद रखें कि व्यापारी की सट्टे की प्रवृत्ति और निर्णय लेने की शक्ति में कमी तथा भाग्यहीनता के कारण होने वाले नुकसान के लिए लेखक, संपादक एवं प्रकाशक जिम्मेवार नहीं हैं।

 

   

 
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