घटनाएँ


शनि को राजनीति का कारक एवं गुरु को सत्ता, नीति और महत्वाकांक्षाओं के प्रदर्षन से जोड़ा जाता है। इन महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति हेतु शनि और गुरु दोनों का अपना महत्व है। शनि मानवता एवं न्याय व्यवस्था का प्रतीक है। अभी शनि उच्च राषिस्थ ... more

ज्योतिषघटनाएँरत्न

मकर संक्रांति के दिन पूर्वजों को तर्पण और तीर्थ स्नान का अपना विशेष महत्व हैं। इससे देव और पितृ सभी संतुष्ट होते हैं। सूर्य पूजा से और दान से सूर्य देव की रश्मियों का शुभ प्रभाव मिलता हैं।... more

घटनाएँदेवी और देवपर्व/व्रत

वट सावित्री व्रत

मई 2014

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भारतीय संस्कृति में वट सावित्री एक ऐसा दिव्य व्रत है, जिसको संपन्न करके एक भारतीय नारी ने यमराज पर भी विजय प्राप्त कर संपूर्ण नारी जाति को गौरवान्वित किया है। यह व्रत, स्कंद और भविष्योत्तर के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा को ... more

घटनाएँदेवी और देवउपायअध्यात्म, धर्म आदिपर्व/व्रत

नवरात्रे पर्व २०१२ मां दुर्गा के नौ रूपों का पूजन पर्व

मई 2014

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वर्ष २०१२ में २३ मार्च से १ अप्रैल २०१२ का समय नवरात्रों का रहेगा। नवरात्री हिन्दुओं का एक प्रसिद्द पर्व है। नवरात्री का शाब्दिक अर्थ नव+रात्री अर्थात नौं रात्रियां है। आश्विन शुक्ल पक्ष के प्रथम नौ दिनों तक माता दुर्गा के नौ रुपो... more

घटनाएँदेवी और देवपर्व/व्रत

4 फरवरी का दिन था। सब जगह वसंत का खूबसूरत नजारा था और हजारों युवा जोड़े वैलेन्टाइन डे के अवसर पर अपने-अपने वैलेन्टाइन के साथ मस्त थे और इन सबके बीच शाइना अपने वैलेन्टाइन देवांशु का इंतजार कर रही थी।... more

ज्योतिषघटनाएँज्योतिषीय योगवशीकरण

अक्षय तृतीया एवं आपकी राशि

मई 2014

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अक्षय तृतीया का दिन एक सर्वमान्य शुभ दिन है। इस दिन किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए किसी विशेष समय या मुहूर्त की आवश्यकता नहीं होती। आज के दिन किसी भी व्यापार, उद्योग, नौकरी या पेशे को आरम्भ कर सकते हैं। अक्षय तृतीया... more

ज्योतिषघटनाएँउपायपर्व/व्रतराशि

चांद ने डुबोया टाइटेनिक को

जून 2013

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10 अप्रैल 1912 को दुनिया का सबसे बड़ा जहाज ‘‘द टाइटेनिक’’ साउथेम्पटन इंग्लैंड से न्यूयार्क शहर की ओर चल पड़ा। इसके बारे में ऐसा माना जाता था कि यह अब तक का सर्वाधिक सुरक्षित और विशालकाय जहाज था। यह इतना विशाल था कि इसके बारे में ऐसा... more

ज्योतिषघटनाएँज्योतिषीय विश्लेषणभविष्यवाणी तकनीक

जीवन में कभी दुर्घटनाओं का सामना न करना पड़ें ऐसी अभिलाषा सभी जनमानस ज्योतिष से रखते हैं। अंक शास्त्र इस विषय में हमारी सहायता कर सकता है।... more

घटनाएँअंक ज्योतिषग्रहभविष्यवाणी तकनीक

प्रश्न: मंत्र के प्रारंभ में ‘हरि ओऽम’ क्यों? उत्तर: वेद पाठ के प्रारंभ में मंत्रोच्चारण से पूर्व ‘हरि ओऽम’ का उच्चारण करना वैदिक परंपरा है। वेद के अशुद्ध उच्चारण में ‘महापातक’ नामक दोष लगता है। इस संभावित दोष की निवृत्ति हेतु आदि... more

घटनाएँदेवी और देवरमल शास्त्र

रागुआज लगभग प्रत्येक इंसान अपने पुत्र व पुत्री के विवाह में लाखों, करोड़ों रुपये खर्च कर देते हैं, उसके बावजूद भी विवाह के कुछ माह के उपरांत शादीशुदा जोड़ा कोर्ट में होता है तलाक की अर्जी लिए। आखिर क्या वजह है कि इतनी संपन्नता के वि... more

ज्योतिषघटनाएँज्योतिषीय योगग्रहविवाह

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