जन्म कुंडली में स्थित ग्रहों के अनुकूल प्रभाव प्राप्त करने के लिए उपायों का सहयोग लिया जाता है. उपायों की श्रेणी में अनेक उपाय आते है. रत्न धारण, रुद्राक्ष, देव दर्शन, मंत्रोंच्चारण, यंत्र ना, दान, जड़ी-बूटी, विसर्जन, हवन आदि ज्योतिषीय उपायों की श्रेणी में आते है. वृक्षारोपण करना भी ज्योतिषीय उपायों के अंतर्गत आता है. यह वृक्षारोपण जन्म नक्षत्र और जन्म राशि के आधार पर किया जा सकता है...
विस्तृत विवरणदर्पण जहां लगाया जाता है वहां की ऊर्जा के प्रवाह को प्रभावित करता है। महाभारत की शुरूआत दुर्योधन के दर्पण से टकराने के कारण ही हुई। आइए, दर्पण के लगाने से होने वाले प्रभावों की जानने की चेष्टा करें इस लेख के माध्यम से
विस्तृत विवरणजन्मपत्री में कौन से योग बनने पर व्यक्ति भूमि या भवन प्राप्त कर सकता है और इस प्रकार की प्राप्तियों से उसे वास्तव में कोई लाभ होगा या नहीं, जानने के लिए पढिए यह लेख।
विस्तृत विवरणवास्तु शास्त्र वैसे तो बहुत विस्तृत है लेकिन जन सामान्य जिन मूलभूत सूत्रों का सरलता से लाभ उठा सकते हैं, उन 51 सूत्रों की विस्तृत जानकारी दी गई है इस लेख में।
विस्तृत विवरणप्रकृति की अनंत शक्तियां इस ब्रह्मांड में सृष्टि, विकास और प्रलय की प्रक्रिया को संचालित करती रहती है। इस दृष्टि से पंच महाभूत किस प्रकार प्रकृति की अनंत शक्तियों को नियंत्रित करते हैं, आइए, जानें वास्तु शास्त्र का महत्व और उपयोगिता निरूपण करने वाले इस लेख में
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