मूल प्रश्न को कभी ओझल न होने दें. विचारधारा के या विचार-मंथन के मध्य में प्रश्न का संदर्भ कभी नहीं बदलना चाहिए. यदि बीच में कुछ प्रेम संबंधी कार्ड आ भी जाएं तो ध्यान मूल प्रश्न से प्रेम संबंध से प्रेम संबंध पर
विस्तृत विवरणटैरो विद्या में आदमी क्यों नहीं दिखाई देते. टैरो रीडर आदमी क्यों नहीं है. यह आकस्मिक सा प्रश्न किया था मेरे एक गुरु ने जिसका तात्कालिक उतर भी कुछ ऐसा था- हां, सर, पता नहीं ऐसा क्यों है. और फिर शरू हुआ
विस्तृत विवरणटैरो कार्ड को लगभग १४वीं शताब्दी में मनोरंजन के लिये इटली में इस्तेमाल किया गया था. लेकिन धीरे-धीरे यह रहस्यमयी विद्या यूरोप में फैल गई तथा लोगों ने टैरो को एक गूढ़ विद्या के रूप में पहचानना शुरू किया.
विस्तृत विवरणजादूगर : यह एक उम्दा शकुन कार्ड है जो नए अवसरों का, नए उद्यम की महता, दृढ इच्छा शक्ति एवं हर काम में उमंग के समावेश होने का प्रतीक है. इसका पारे जैसा ढुलमुल स्वभाव है- आप स्वयं को आकलन
विस्तृत विवरणअबूझ को बूझना, अनसुलझे रहस्यों का भेद जानना मानव मन की चिरंतन पिपासा रही है. भविष्य के गर्भ में हमारा भाग्य कैसा है. यह जानने की उत्सुकता संपूर्ण मानव जाती में सदा से ही रही है. इसी उत्सुकता ने जन्म दिया, संपूर्ण
विस्तृत विवरणवैन्ड्स ग्रुप - किंग ऑफ वैन्ड्स : यह कार्ड खुलने पर प्रकट करता है की सामने वाला व्यक्ति ऊर्जा, जोश और आत्मविश्वास से भरा-पूरा है. और अपने अनुयायियों की फौज खड़ी करने में माहिर है. शक्ति और सता को हासिल
विस्तृत विवरणभविष्य के फलकथन के लिए टैरो का उपयोग सर्वप्रथम इटली में ताश के खेलों की एक पद्वति से हुआ. टैरो में कुल ७८ कार्ड होते है. ये सर्वप्रथम मुख्यत: दो भागों में बटें होते है.- मेजर आरकाना एवं माइनर आरकाना
विस्तृत विवरणटैरो एक प्राचीन ध्यानस्थ साधना है, जिससे साधना करने वाला चेतना के ऊपरी सतहों तक पहुंच सकता है. टैरो के पत्तों के रहस्य में ज्योतिष, अंक ज्योतिष, प्रतीकवाद विद्या का मिश्रण है, जिससे भूत, भविष्य तथा
विस्तृत विवरणटैरो कार्ड रीडिंग भविष्य जानने की प्राचीन विधि है जो मध्यकाल से लेकर वर्तमान समय में काफी प्रचलित है. टैरो कार्ड रीडिंग, के प्रचलन का एक मुख्य कारण, टैरो से सम्बंधित कार्यशालाओं की अधिकता ही है.
विस्तृत विवरणस्वास्थ्य: आपको स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की आवश्कता है। उत्सव के महीने में अपनी सेहत की अवहेलना मत कीजिए। किसी भी चीज की अति अच्छी नहीं होती, चाहे वह भोजन की हो, व्यायाम की अथवा परहेज की हो। अति से बचिए। आर्थिक व् वित संबंधी : अपने कार्यक्षेत्र व् व्यवसाय में यदि आप अपनी अंतर्दृष्टि व् अंतर्ज्ञान का प्रयोग करें तो अति उतम रहेगा।
विस्तृत विवरण