हस्त रेखा
Future Samachar

हस्त रेखा
Astro-Palmistry
फरवरी 2014
व्यूस:1543

एस्ट्रो पामिस्ट्री

ज्योतिष में हम जन्म के समय भचक्र में ग्रहों की स्थिति, युति व दृष्टि के आधार पर उनकी ऊर्जाओं का विश्लेषण जातक की जन्मकुंडली द्वारा करते हैं। हस्तरेखा विज्ञान में इन ऊर्जाओं का विश्लेषण हथेली में विद्यमान चिह्नों और रेखाओं से करते हैं। दूसरे शब्दों में हमारी हथेली में स्वयंभू जन्मपत्री विद्यमान होती है। इसी आधार पर बहुत से विद्वानों ने जो ज्योतिष व हस्तरेखा की बारीकियों से अवगत हैं जातक की हस्तरेखाओं के आधार पर जन्मकुंडली बनाने का प्रयास किया।

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Hast-Rekha-Se-Vyaktitva-Vishleshan
फरवरी 2014
व्यूस:1170

हस्तलेख से व्यक्तित्व विश्लेषण

किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व के बारे में यदि हमें पता करना है तो हम उसके बाॅडी लैंग्वेज से जान सकते हैं। व्यक्ति के आंतरिक भावों, स्वभाव आदि की अभिव्यक्ति बाह्य षारीरिक अंगों के द्वारा व्यक्त होती है। हस्ताक्षर तथा लिखावट भी व्यक्ति के आंतरिक भावों, व्यक्तित्व, उसके स्वभाव तथा अंतःकरण की अभिव्यक्ति ही हंै जिसको मस्तिष्क के आदेष से हाथ द्वारा संपादित किया जाता है। व्यक्ति की लिखावट उसके व्यक्तित्व का आइना होती ह

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Likhavat-Drara-Rogon-Ki-Pahchan-&-Upchar
फरवरी 2014
व्यूस:0

लिखावट द्वारा रोगों की पहचान व उपचार

जब व्यक्ति के शरीर के सभी विभाग ठीक प्रकार से कार्य करते हों, भूख खुलकर लगती हो, भोजन भली-भांति पचता हो, शौच साफ होता हो, काम-धन्धे के लिए, उत्साह हो, बदन में आलस्य ना हो और ना ही जड़ता हो, मन में दमखम और उत्साह हो तो उत्तम स्वास्थ्य कहलाता है।

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Aishwarya-Or-Shaundarya-Ki-Rekhayen
दिसंबर 2013
व्यूस:2159

ऐश्वर्य और सौंदर्य की रेखाएं

कर्म यज्ञ के जीवन से स्वप्नों का स्वर्ग मिलेगा या यूं कहें कि मेहनत से जीवन सौंदर्य और ऐश्वर्य से भर जाएगा। हर कोई इन बातों को सुनता है समझता है तथा अपनी शक्ति अनुसार मेहनत करके कर्म करके जीवन को सुंदर बनाना चाहता है। आज जो चर्चित प्रसिद्ध व्यक्ति हैं उन्हें आखिरकार यह सौंदर्य, यह ऐश्वर्य कड़ी मेहनत और लगन के फलस्वरूप ही प्राप्त हुआ है। महाकवि तुलसीदास ने महाकाव्य रामचरित मानस में स्पष्ट लिखा है- सकल पदारथ है जग माही। कर्महीन नर पावत नाही।।

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हस्त-रेखा-द्वारा-जन्मकुंडली-निर्माण
जून 2013
व्यूस:5245

हस्त रेखा द्वारा जन्मकुंडली

प्रश्न: यदि किसी जातक के पास अपना जन्म विवरण न हो तो क्या हस्तरेखा के द्वारा जन्म विवरण जानकर जन्मकुंडली बनायी जा सकती है। यदि हां तो विस्तृत वर्णन करें अथवा प्रश्न कुंडली द्वारा वांछित प्रश्न का उत्तर कैसे देंगे, विस्तार पूर्वक वर्णन करें।

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हस्त-रेखा,-वैज्ञानिक,-शास्त्र-
मई 2013
व्यूस:3996

हस्त रेखाओं पर सूक्ष्म चिह्नों का विवेचन

हस्त सामुद्रिक शास्त्र हमारे पूर्वजों की महान तथा वैज्ञानिक उपलब्धि है और यह बात ढृढ़तापूर्वक कही जा सकती है कि इस शास्त्र द्वारा भावी एवं भविष्य की घटनाओं का वर्णन सोलह आने सही किया जा सकता है। आवश्यकता है इसकी परीक्षा एकाग्रचित्त हो कर करने की।

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Which-deity-to-worship-to-the-palm-lines
अप्रैल 2013
व्यूस:3702

किस देवी देवता की पूजा करे- हस्त रेखाओं से जाने

भारत की सनातन धार्मिक और पूजन परंपरा में देवताओं का मुख्य स्थान है। इनकी संख्या भी हमारे यहाँ ३३ करोड़ बतायी गई है।

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How-is-the-money-rain-lines
फरवरी 2013
व्यूस:3788

कैसी रेखाएं करती है धन वर्षा

मस्तिष्क रेखा निर्दोष हो, शुक्र उन्नत हो तो धनवान बनने के प्रबल योग तो है किन्तु अत्यधिक बाधाएं और संघर्ष भी हैं। साथ ही अगर हाथ गुलाबी, अंगुलियां सीधी व् पतली हो तो किस्मत में धन की वर्षा का योग प्रबल हो जाता हैं।

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How-you-can-own-the-asset
अक्तूबर 2012
व्यूस:2698

कितनी सम्पतियों के स्वामी हो सकते है आप

यदि हाथ चमकदार व् गद्देदार हो, अंगुलियाँ पीछे की तरफ झुकाती हो, व् अंगूठा भी पीछे की तरफ मुड़ता हो, भाग्य रहा की संख्या एक से अधिक हो, भाग्य रेखा बगैर रुके मणिबंध से सीधे शनि क्षेत्र पर जाती हो, तो ऐसे व्यक्ति अथाह संपतियों के मालिक होते हैं।

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Your-future-lies-in-fingers
सितंबर 2012
व्यूस:3900

अँगुलियों में छिपा है आपका भविष्य

हाथ की चारों उँगलियों के १२ पर्व १२ राशियों को इंगित करते है। कोई भी हस्तरेखा विशेषज्ञ उँगलियों की इन राशियों के माध्यम से जातक की जन्मपत्री आसानी से बना सकता हैं। इस उंगली के नीचे गुरु पर्वत का निवास होने के कारण इसे जुपिटर फिंगर भी कहते हैं।

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