प्रात: काल स्नान करके घर से गये हुए प्राणी का नाम एक कागज़ पर लिख कर और एक आटे का दीपक बनाकर उसमें सरसों का तेल भरकर रूई की बाती डालकर उसे जला दें. इस प्रकार से यह क्रिया मंगलवार से प्रारम्भ कर
विस्तृत विवरणकहते हैं नजरदोष होने पर आंख की निचली पलक भारी हो जाती है मानों वह सूज गई हो। कुंडली में नीचस्थ चंद्र या राहु व शनि से ग्रस्त चंद्रमा होने पर व्यक्ति पर नजरदोष का प्रभाव अधिक पड़ता है। प्रस्तुत है मुक्ति के कुछ उपाय
विस्तृत विवरणजिस प्रकार किसी व्यक्ति की राशि एवं नक्षत्र के स्वामी निर्बल होने पर वह नजार दोष के प्रभाव में आ जाता है, उसी प्रकार यदि किसी व्यक्ति की राशि एवं नक्षत्र स्वामी क्रूर ग्रह बली हो तथा पापी ग्रहों का प्रभाव हो तो व्यक्ति की वाणी दृष्टि एवं मनोभावों में
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